रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजधानी के पंडरी स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क (Gems and Jewellery Park) परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर टेंडर जारी कर दिया है। 20 मार्च को प्री-बिड मीटिंग आयोजित होनी है। लेकिन इस प्री बिड मीटिंग से पहले ही विवाद शुरू हो गया है।
इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक देवजी पटेल बेहद नाराज हैं। उन्होंने सरकार के इस प्रोजेक्ट के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है।
देवजी पटेल ने कहा कि यह सरकार पिछली सरकार के कार्य को आगे बढ़ा रही है। एग्रीकल्चर लैंड यूज को बदल दिया गया है। किसानों ने अपने खेतों को मंडी के उपयोग के लिए दिया था। लेकिन, अब इसका इस तरह व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
देवजी ने आगे कहा कि सरकार के इस फैसले से साफ समझा जा सकता है कि यह सरकार नियम कायदे से काम नहीं कर रही है। सरकार को मंडियों की जमीन की बंदरबांट बंद करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार ने जो शर्तें रखी थीं, इस जमीन के उपयोग की, उसे पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में यह जमीन अभी भी मंडी की है और मंडी की जमीन पर किसी भी तरह से लैंड यूज बदलने का अधिकार सरकार को नहीं है। इसके बाद भी अगर यहां काम आगे बढ़ाया जाता है तो कोर्ट की शरण ली जाएगी।
दरअसल, करीब 9.6 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह जेम एंड ज्वेलरी पार्क राज्य के ज्वेलरी उद्योग के लिए एक बड़े कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। ई-टेंडर प्रक्रिया 10 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है। 23 मार्च तक सवाल-जवाब की प्रक्रिया चलेगी, जबकि 8 अप्रैल 2026 तक बिड जमा करने की अंतिम तिथि तय की गई है। उसी दिन शाम को तकनीकी बिड खोली जाएगी।
परियोजना के तहत चयनित डेवलपर को डिजाइन, फाइनेंस, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। जमीन लीज पर दी जाएगी, जिसकी प्रारंभिक अवधि 30 साल होगी, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकेगा।
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