रायपुर। बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को छत्तीसगढ़ लाने के लिए स्टेट प्लेन उपलब्ध कराए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब उनकी विदाई को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि उनकी वापसी भी छत्तीसगढ़ स्टेट प्लेन से ही खजुराहो कराई गई।

गौरतलब है कि धीरेंद्र शास्त्री राज्य के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के साथ 25 दिसंबर को दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित एक धार्मिक प्रवचन में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। रायपुर एयरपोर्ट पर स्टेट प्लेन से उतरते हुए उनका वीडियो वायरल हो गया था। उस समय माना टीआई मनीष तिवारी की ड्यूटी थी। धीरेंद्र शास्त्री को माना एयरपोर्ट पर वर्दीधारी टीआई द्वारा टोपी-जूते उतारकर प्रणाम किया गया था, जिस पर खूब हल्ला हुआ था। कांग्रेस ने इसकी निंदा करते हुए राज्य के खजाने के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, सरकार ने धीरेंद्र शास्त्री की किस संवैधानिक हैसियत के कारण उनके लिए विमान भेजा था? सरकार इस बारे में स्पष्टीकरण जारी करें। यह राज्य के खजाने पर डाका डालने के समान है।

अब नई चर्चा इस बात की हो रही है कि पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ स्टेट प्लेन में सवार होकर धीरेंद्र शास्त्री 29 दिसंबर को खजुराहो के लिए रवाना हुए। हालांकि इस बार कोई वीडियो या फोटो वायरल नहीं हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि मंत्री राजेश अग्रवाल से जुड़े सरकारी दौरे के जो कार्यक्रम जारी हुए, उनमें रायपुर एयरपोर्ट से खजुराहो एयरपोर्ट का जिक्र है।
द लेंस ने इस बारे में मंत्री राजेश अग्रवाल से बात कर सच जानने के लिए फोन कॉल किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
इसके बाद खजुराहो के प्रोटोकॉल विभाग के सूत्रों से बात की गई तो यह बात पता चली कि छत्तीसगढ़ के स्टेट प्लेन से छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके साथ छतरपुर के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री भी थे। धीरेंद्र शास्त्री को एयरपोर्ट के टर्मिनल में छोड़ने के बाद छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल स्टेट प्लेन से लौट गए।









