दीया उत्सव के खर्च का दीपक बैज ने मांगा हिसाब, बोले- ‘एक तरफ तेल बचाने की अपील, दूसरी तरफ लाखों लीटर तेल बर्बाद’

Deepak Baij

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ में आयोजित दीपोत्सव को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज (Deepak Baij) ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ लाखों दीये जलाकर सरकारी मशीनरी और जनता के धन का इस्तेमाल किया गया, वहीं दूसरी तरफ गरीब बच्चे उन्हीं दीयों से बचे तेल को इकट्ठा करते नजर आए।

दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के दिन देश की गरीबी और शासक की फिजूलखर्ची का एक नमूना सड़कों पर दिखाई दिया। उनके मुताबिक, गरीब बच्चे अधजले दीयों से डिब्बे में तेल एकत्रित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दृश्य बेहद मार्मिक था।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि लोगों से तेल की बचत करने की अपील करने वाले प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर लाखों दीये जलाने के नाम पर बड़ी मात्रा में तेल खर्च किया गया।

छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्रदेशभर में करीब 40 लाख दीये जलाने और अकेले रायपुर में करीब 25 लाख दीयों का कार्यक्रम रखा गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि आयोजन के लिए शासकीय कर्मचारियों, शिक्षकों, स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और पंचायत कर्मचारियों तक को लक्ष्य दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर दीया, तेल और रंगोली जैसी सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाया गया।

सरकार से खर्च का हिसाब मांगा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से पूछा कि पूरे आयोजन पर कितना पैसा खर्च हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि दीयों की खरीद किसने की, उनमें इस्तेमाल होने वाले तेल की व्यवस्था किसने की और बाती, परिवहन, सजावट, मंच, बिजली समेत अन्य व्यवस्थाओं पर कितना खर्च हुआ।

दीपक बैज ने दावा किया कि यदि एक दीये की लागत 10 रुपये भी मानी जाए तो डेढ़ करोड़ दीयों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होते हैं और अन्य खर्च जोड़ने पर कुल राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

UPI शुल्क पर भी बैज का केंद्र पर हमला

बैज ने UPI भुगतान व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले लोगों को डिजिटल भुगतान की ओर लेकर गई और अब इसी व्यवस्था से शुल्क वसूलने की तैयारी की जा रही है।

हालांकि इस दावे के संबंध में केंद्र सरकार की स्थिति अलग है। वित्त मंत्रालय के अनुसार आम UPI उपयोगकर्ताओं से लेनदेन शुल्क नहीं लिया जाएगा और व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान मुफ्त रहेगा। सरकार के मुताबिक प्रस्तावित MDR केवल कुछ सीमा से ऊपर के पात्र व्यापारी लेनदेन पर लागू हो सकता है और इसे सरकार या NPCI द्वारा सीधे वसूला जाने वाला टैक्स नहीं बताया गया है।

बैज ने व्यापारी लेनदेन पर किसी भी संभावित शुल्क का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

PSC 2025 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां देने की मांग

दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2025 राज्य सेवा परीक्षा के साक्षात्कार स्थगित किए जाने को भी अपर्याप्त कदम बताया।

उन्होंने मांग की कि केवल इंटरव्यू स्थगित करने के बजाय आयोग अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराए, ताकि अभ्यर्थी अपने मूल्यांकन और प्राप्त अंकों को देख सकें।

दीपक बैज ने कहा कि 265 पदों के मुकाबले 1:3 के अनुपात में 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, जबकि आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए पात्र माना। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि 187 अभ्यर्थी कम हैं और इसे लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आयोग के अनुसार इन अभ्यर्थियों ने न्यूनतम निर्धारित अंक हासिल नहीं किए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने से ही मूल्यांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

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