केंद्र सरकार ने ट्राई का पत्ता साफ कर टीवी रेटिंग की निगरानी पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लिया

April 2, 2026 9:24 PM
Control over TRP

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने टीवी रेटिंग की पूरी प्रणाली पर पूरा नियंत्रण ले लिया है, जिससे अरबों डॉलर के विज्ञापन खर्च पर असर पड़ता है। इसमें भारत के दूरसंचार नियामक ट्राई (Telecom Regulatory Authority of India) को टीवी रेटिंग की निगरानी से हटा दिया गया है। यह जानकारी द मिंट ने दी है।

अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting – MIB) को सौंप दी गई है। पहले ट्राई और MIB दोनों मिलकर इसकी निगरानी करते थे, जिससे एक दोहरी व्यवस्था बनी हुई थी।

ट्राई के पास अभी भी प्रसारण और केबल टीवी से जुड़े अन्य पहलुओं पर अधिकार क्षेत्र बरकरार है, जैसे चैनल की कीमतें, विज्ञापन की सीमाएं, इंटरकनेक्शन और वितरण नियम, सेवा गुणवत्ता तथा अनुपालन मानक।

टीवी रेटिंग लाखों लोगों की देखने की आदतों को ट्रैक करती है और यह तय करती है कि विज्ञापन का पैसा कहां खर्च किया जाएगा। मार्च में जारी EY-FICCI रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारतीय कंपनियों ने टीवी विज्ञापन पर 36,200 करोड़ रुपये खर्च किए।

लेकिन रेटिंग्स विवादों में घिरी हुई हैं। वर्ष 2020 में मुंबई पुलिस ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) की कथित संख्या में हेरफेर की जांच की थी।2026 की नई नीति में ट्राई एक्ट का जिक्र नहीं है और बाकी सभी शक्तियां MIB को सौंप दी गई हैं।

ट्राई के पूर्व प्रधान सलाहकार सत्या एन. गुप्ता ने मिंट को बताया, “भले ही सरकार के पास शक्तियां हों, लेकिन नियमन को नीति के साथ जोड़ना और एक स्वतंत्र नियामक को निगरानी से हटाना एक प्रतिगामी कदम है।”

मिंट ने भारतीय प्रसारण एवं डिजिटल फाउंडेशन (जो प्रसारकों का प्रतिनिधित्व करता है) को बुधवार (1 अप्रैल) शाम को ईमेल भेजा था, लेकिन प्रेस टाइम तक कोई जवाब नहीं मिला।

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