रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल जिसे आमतौर पर हाउसिंग बोर्ड कहा जाता है के कार्यक्षेत्र को काफी विस्तार दिया गया है।
विधानसभा ने हाल ही में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 में संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है।इस संशोधन के बाद मंडल का नाम बदलकर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल हो जाएगा।
राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद यह बदलाव लागू हो जाएगा।पहले यह संस्था मुख्य रूप से सस्ते और किफायती आवास योजनाओं पर केंद्रित थी, लेकिन अब इसका दायरा बहुत व्यापक हो गया है।
अब यह मंडल खुद फंड जुटाकर या विभिन्न मॉडलों के जरिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स संभाल सकेगा, जिसमें सड़कों, पुलों और हाईवे का निर्माण, एयरपोर्ट और पानी की आपूर्ति से जुड़ी योजनाएंशहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर जोड़ने वाली कनेक्टिविटी परियोजनाएं शामिल होंगी।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) आधारित विकास कार्यस्लम क्षेत्रों का पुनर्विकास और पुरानी बस्तियों का आधुनिकीकरणवित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश इस विधेयक को ध्वनिमत से पास किया गया।
यह बदलाव 1972 के अधिनियम में 54 साल बाद आया बड़ा सुधार माना जा रहा है, जो आवास के साथ-साथ समग्र इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में मंडल को नई भूमिका देगा।






