रायपुर। साल 2025 की बुधवार को हुई आखिरी कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों में आदिवासी समुदाय, किसान, चावल मिल मालिक, उद्योगपति, निवेशक और आम लोगों को फोकस में रखा गया है। साथ ही प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी अहम निर्णय हुए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय के महानदी भवन में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रह करने वाले परिवारों से प्रति मानक बोरा 5500 रुपये की दर पर खरीद के लिए राज्य सरकार की गारंटी पर कर्ज लेने की अनुमति दी गई। वहीं, कोदो, कुटकी और रागी जैसे पौष्टिक अनाजों की खरीदी, प्रसंस्करण तथा विक्रय के लिए राज्य लघु वनोपज संघ को जरूरी कार्यशील पूंजी मुहैया कराने का फैसला हुआ, जिससे मोटे अनाजों के उत्पादन और प्रचार को बढ़ावा मिलेगा।
गैर-राष्ट्रीयकृत छोटे वन उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्यवृद्धि और मार्केटिंग के लिए लघु वनोपज संघ को एक बार में 30 करोड़ रुपये का ब्याज-रहित ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम से संबंधित कर्जों की अदायगी के लिए 55.69 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान स्वीकृत किया गया। इससे हर साल 2.40 करोड़ का ब्याज खर्च खत्म हो जाएगा और 229.91 करोड़ की गारंटी जिम्मेदारी भी समाप्त होगी।
रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक चलने वाले 9वें ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर जीवनभर के रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलेगी। यह सुविधा पूरे राज्य के वाहन डीलरों पर लागू होगी।
चावल की उसना मिलिंग के लिए प्रोत्साहन राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। साथ ही, मिलर्स के लिए पात्रता की शर्त को तीन महीने से घटाकर दो महीने की मिलिंग कर दिया गया।
नीति को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए संशोधन को हरी झंडी दी गई, जिससे निवेश की गुणवत्ता सुधरेगी, स्थायी नौकरियां पैदा होंगी और उद्योगों को नया जोर मिलेगा।
कस्टम मिलिंग से जुड़े धान संग्रहण और परिवहन कार्यों के लिए राइस मिलर्स की बैंक गारंटी पर स्टांप शुल्क को 0.25 प्रतिशत से कम करके 0.05 प्रतिशत कर दिया गया।
नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में विशेष ड्यूटी अधिकारी का एक नया पद (लेवल-14) एक साल के लिए बनाया गया। मंत्रिमंडल ने रायपुर महानगरीय क्षेत्र में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का फैसला किया, जिससे कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी।







