लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कांशीराम जयंती कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम जैसे नेताओं ने कभी सरेंडर नहीं किया, लेकिन आज देश की सरकार ने सरेंडर कर दिया है।
राहुल गांधी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री की तरह नहीं बल्कि अमेरिका के हित में काम कर रहे हैं और देश की नीतियों से समझौता किया गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया है। उनके मुताबिक अब अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत तेल कहां से खरीदेगा, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र के हालात और खराब हो सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका से करीब 9 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदने की बात कही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा हुआ तो भारतीय कारोबारी और किसान कैसे टिक पाएंगे। कपास, सोयाबीन, फल, बादाम और अखरोट जैसे उत्पाद अमेरिकी किसान भारत में बेचेंगे, जिससे घरेलू बाजार प्रभावित होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि संविधान में दलित और वंचित समाज के महापुरुषों की आवाज है, लेकिन सावरकर और नाथूराम गोडसे की विचारधारा उसमें नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी संविधान की मूल विचारधारा को नहीं मानते।
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी को ऐसे 100 लोग चाहिए जो संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हों। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लोग मिल जाएं तो प्रदेश की राजनीति बदली जा सकती है।
जब कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ता राहुल गांधी के नारे लगाने लगे तो उन्होंने उन्हें रोकते हुए कहा कि सिर्फ नारे लगाने से कुछ नहीं होता, बदलाव के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में प्रस्ताव पास कर बसपा संस्थापक काशी राम को भारत रत्न देने की मांग उठाई। तय किया गया कि यह मांग संसद में राहुल गांधी के माध्यम से उठाई जाएगी। कार्यक्रम में करीब चार हजार लोग शामिल हुए, जिसे उत्तर प्रदेश में दलित वोटर्स के बीच कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।











