AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का दावा—’बेऊर जेल में नाबालिग छात्रों के साथ हुआ अमानवीय व्यवहार, 30 जुलाई तक रिहाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन’

पटना: बिहार में छात्र आंदोलन के बाद हुई गिरफ्तारियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पटना के बेऊर जेल में बंद छात्रों से मुलाकात के दौरान उन्हें हिरासत में कथित दुर्व्यवहार, हिंसा और भेदभाव की जानकारी मिली। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 जुलाई तक सभी छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो जंतर-मंतर आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

नेहा बोरा ने बताया कि उन्होंने बेऊर जेल में बिहार के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किए गए 600 से अधिक छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उनके अनुसार इनमें करीब 300 नाबालिग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार छात्रों ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें 24 घंटे तक भोजन और पानी नहीं दिया गया तथा पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट की गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा बोरा ने यह भी दावा किया कि कुछ छात्रों ने उन्हें बताया कि मुस्लिम और दलित छात्रों के साथ कथित रूप से अधिक कठोर व्यवहार किया गया। उनके अनुसार छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए, आतंकवादी बताकर डराया गया और कथित तौर पर एनकाउंटर की धमकी भी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उन्होंने बताया कि इसके बाद वह सीवान पहुंचीं, जहां हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल छात्रों से अस्पताल में मुलाकात की। उनके अनुसार दो छात्र मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। एक छात्र के कंधे में गोली लगने से उसका बायां हाथ प्रभावित हुआ है, जबकि दूसरे छात्र के पैर में गोली लगी है। अन्य घायल छात्रों से भी उन्होंने मुलाकात कर उनका हाल जाना। नेहा बोरा का दावा है कि घायल छात्रों ने उन्हें बताया कि गोली लगने के बाद पुलिस ने तत्काल सहायता नहीं की और स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

नेहा बोरा ने कहा कि उन्होंने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात कर गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। उनके अनुसार इसके बाद राज्य सरकार ने कुछ छात्रों की रिहाई के आदेश जारी किए, जिनके तहत अब तक 355 छात्रों को छोड़ा जा चुका है, जबकि 300 से अधिक छात्र अभी भी जेल में हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि 30 जुलाई तक सभी छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में छात्रों की गिरफ्तारियों का उल्लेख करते हुए नेहा बोरा ने वहां की सरकार से भी गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की मांग की और कहा कि छात्र आंदोलनों पर किसी भी प्रकार के दमन का विरोध जारी रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now