राहुल गांधी को युवक ने दी नरवणे की किताब, मोदी को भेंट करने की कही बात

February 4, 2026 8:13 PM
Rahul Gandhi

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्‍ली

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की पूर्व प्रकाशित एक चर्चित किताब आज एक युवक ने भेंट की। पेंग्विन इंडिया की इस किताब को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी मोदी सरकार पर हमलावर हैं। बुधवार को राहुल गांधी ने नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 के भारत-चीन संघर्ष के दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख को यह संदेश दिया था जो उचित समझो वो करो।

कांग्रेस ने एक वीडियो भी जारी किया है। राहुल गांधी ने आज संसद में कहा कि प्रधानमंत्री यदि लोकसभा में आए तो मैं उन्हें पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब भेंट करूंगा। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा आने की हिम्मत करेंगे। अगर प्रधानमंत्री आते हैं, तो मैं स्वयं जाकर उन्हें यह किताब दूंगा ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को सच्चाई का पता चल सके।

जब पत्रकारो ने राहुल गांधी से पूछा कि बुक कहां से मिली और क्या आम लोगों को भी बुक Four stars of destiny मिल सकती है तो राहुल गांधी ने कहा आप कल्पना कर सकते हैं यह किताब मुझे कहां से मिली?

राहुल गांधी ने पत्रकारों को बताया किताब में क्या है ?राहुल गांधी ने कहा, ‘सरकार कह रही है कि किताब है ही नहीं, स्पीकर ने कहा कि किताब नहीं है। देश के हर युवा को देखना चाहिए कि किताब है। ये नरवणे जी की किताब है जिसमें उन्होंने पूरा लिखा हैं। मुख्य बात वही है जो मोदी जी ने कहा ‘जो उचित समझो वो करो’।

जब (पूर्व) आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह जी को फोन किया और कहा कि चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए हैं, तो हमें क्या करना चाहिए?’राहुल गांधी ने कहा, ‘पहले राजनाथ सिंह ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने जयशंकर जी, NSA और राजनाथ सिंह से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर उन्होंने एक बार फिर राजनाथ सिंह को फोन किया। राजनाथ सिंह ने उनसे कहा कि वह ‘टॉप’ से पूछेंगे। ‘टॉप’ का स्टैंडिंग ऑर्डर था कि अगर चीनी सेना आती है, तो हमें बिना इजाजत के उन पर गोली नहीं चलानी चाहिए।’

राहुल गांधी आगे कहते हैं, ‘नरवणे जी और हमारी सेना उन टैंकों पर गोली चलाना चाहती थी क्योंकि वे हमारे इलाके में घुस गए थे। नरेंद्र मोदी जी ने मैसेज दिया कि ‘जो उचित समझो वो करो’। इसका मतलब है कि नरेंद्र मोदी ने अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की । उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि जो मन करे वो करो क्योंकि ‘यह मेरे बस की बात नहीं है।’

नरवणे जी किताब में लिखते हैं कि मुझे सच में बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।’

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