हवाई टिकटों पर नकेल कसने के सरकारी दावे हवा-हवाई, 1 जनवरी से लागू होने वाले नए नियमों में फेयर कैपिंग गायब,फोटोग्राफी पर भी सख्ती

नई दिल्ली। देश के करोड़ों हवाई(Airport) यात्रियों को त्यौहारों, छुट्टियों और आपातकालीन स्थितियों में मनमाने किराए से राहत दिलाने के तमाम सरकारी दावे एक बार फिर खोखले साबित हुए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा बहुचर्चित ‘भारतीय वायुयान नियम, 2026’ (Bharatiya Vayuyan Niyam, 2026) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि, जिस बात की सबसे ज्यादा उम्मीद की जा रही थी, उसी मुद्दे पर सरकार पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है।

एयरलाइंस द्वारा वसूले जाने वाले बेस फेयर पर कोई नई सीलिंग या डायरेक्ट कैपिंग लगाने के बजाय, नए नियमों में केवल हवाई किराए की ‘मॉनिटरिंग’ और ‘सलाह’ देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया है। ऐसे में हवाई यात्रियों की नजरें अब सुप्रीम कोर्ट की ओर टिकी हैं, जहां किराए को नियंत्रित करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की आस जगी है।

89 साल पुराने कानून का अंत और नए नियमों की आमद

आजादी से पहले के पुराने ‘एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937’ को खत्म करते हुए सरकार ने 1 जनवरी 2027 से ‘भारतीय वायुयान नियम, 2026’ को पूरे देश में लागू करने का ऐलान किया है। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य देश के विमानन क्षेत्र को आधुनिक बनाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स में पारदर्शिता लाना है लेकिन इस व्यापक कानूनी बदलाव के बावजूद, आम यात्री को टिकट की कीमतों में होने वाली बेतहाशा बढ़ोतरी से बचाने के लिए कोई ठोस कानूनी तंत्र नहीं बनाया गया है। सरकार ने एयरलाइंस के हाथ में ही किराए तय करने की छूट बरकरार रखी है जिससे त्यौहारों के मौसम में टिकट के दाम कई गुना बढ़ाने वाली कंपनियों पर नकेल कसना मुश्किल बना रहेगा।

PSF और UDF दरों का स्पष्ट ढांचा और AERA का नियंत्रण

भले ही किराए पर राहत न मिली हो, लेकिन हवाई अड्डों पर यात्रियों से वसूले जाने वाले विविध शुल्कों को लेकर नए नियमों में तस्वीर साफ की गई है। नए प्रावधानों के तहत अब प्रमुख हवाई अड्डों पर पैसेंजर सर्विस फीस (PSF) और यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) की दरें पूरी तरह AERA (एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी) द्वारा तय की जाएंगी। इसके साथ ही सरकार ने यह सख्त पाबंदी लगाई है कि यात्रियों से ली जाने वाली PSF की राशि का इस्तेमाल केवल और केवल एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर ही किया जा सकता है। पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को लैंडिंग और पार्किंग से जुड़े तमाम शुल्क सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने होंगे।

सुरक्षा के सख्त पैमाने, ₹1 करोड़ का जुर्माना और फोटोग्राफी पर रोक

विमानन सुरक्षा और अनुशासन को बनाए रखने के लिए नए नियमों में बेहद कड़े शास्ति प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि कोई एयरलाइन ऑपरेटर सुरक्षा या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर ₹1 करोड़ तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फोटोग्राफी पर भी बड़ी पेनाल्टी तय की गई है। बिना अनुमति के किसी भी प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में फोटोग्राफी करने पर ₹1 लाख और उड़ते हुए विमान के भीतर से अनाधिकृत फोटो या वीडियो लेने पर ₹2 लाख तक की प्रशमन राशि (Compounding Fee) वसूल की जाएगी। इसके साथ ही, किसी भी एयरलाइन को ऑपरेटर सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए उसमें भारतीय मालिकाना हक और प्रभावी नियंत्रण होना अनिवार्य शर्त बना दिया गया है।

ATC कर्मियों की थकान पर नकेल और पायलटों की फिटनेस के नियम

विमान हादसों को रोकने और एयर ट्रैफिक को सुचारू रखने में अहम भूमिका निभाने वाले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (ATC) के लिए भी नए नियम राहत लेकर आए हैं। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों की लगातार ड्यूटी से होने वाली मानसिक और शारीरिक थकान को देखते हुए उनकी अधिकतम ड्यूटी अवधि और न्यूनतम विश्राम समय के कड़े नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों का पालन कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सेवा प्रदाता की होगी। इसके अलावा, पायलटों की योग्यता, मेडिकल फिटनेस, लाइसेंसिंग प्रोसेस और विमान संचालन के बुनियादी पैमानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपग्रेड किया गया है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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