नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत (Pilibhit)में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और धांधलियों पर भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है।
आयोग ने पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र-127 के दो निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी (दोनों एसडीएम के पद पर तैनात) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। आयोग की पूर्व अनुमति के बिना इन दोनों की बहाली नहीं होगी। उनकी चार्जशीट सीधे निर्वाचन आयोग को जांच के लिए भेजी जाएगी।
साथ ही, दोनों अधिकारियों और VRC कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198 जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। (यह धारा लोक सेवक द्वारा जानबूझकर कानून/निर्देशों की अवहेलना पर लागू होती है।
क्या क्या दिए गए निर्देश
पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब की गई है।पीलीभीत के पांच सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भूमिका और VRC ऑपरेटर पर कार्रवाई की रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत की जाएगी
पूरे उत्तर प्रदेश के सभी DM-DEO और ERO को अपने क्षेत्र की मतदाता सूचियों का दोबारा गहन परीक्षण (SIR) करने और फॉर्म 6, 7 और 8 के जरिए नाम जोड़ने/हटाने/संशोधन के डेटा की विशेष जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
लॉगिन आईडी का दुरुपयोग
जांच में पाया गया कि 31 मई से 29 अगस्त के बीच ECINET पोर्टल पर लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर करीब 13,779 फॉर्म-8 आवेदन दर्ज किए । इनमें से कई में भौतिक आवेदन पत्र या सहायक दस्तावेज नहीं मिले। विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर मतदाता विवरण में बदलाव के आरोप लगाए थे।







