नई दिल्ली। मोदी जी की संसदीय सीट वाराणसी में भाजपा विधान परिषद चुनाव हार गई है। वाहन से सपा के लाल बिहारी यादव जीते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश (11 सीटें), बिहार (8 सीटें) और कर्नाटक (4 सीटें) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की विधान परिषद सीटों पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई है। इन चुनावों के नतीजों और रुझानों ने राज्यों के राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को एक नया मोड़ दिया है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा की कड़ी टक्कर
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों 5 स्नातक और 6 शिक्षक क्षेत्र पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच रहा। भाजपा ने 6 और सपा ने 4 सीटों पर जीत हासिल की।
भाजपा ने मेरठ (शिक्षक और स्नातक), बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर जीत हासिल कर अपना गढ़ बरकरार रखा। बरेली-मुरादाबाद से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया। समाजवादी पार्टी ने वाराणसी और आगरा जैसी कुछ स्नातक सीटों पर बढ़त और जीत दर्ज की
बिहार में नए समीकरण और बड़ा उलटफेर
बिहार की 8 सीटों पर हुए चुनावों में काफी दिलचस्प और अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिले हैं: पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने लगातार तीन दशक से MLC रहे भाजपा के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ ने दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी (भाजपा बागी) राहुल राज ने जीत हासिल की, जबकि दरभंगा स्नातक और तिरहुत सीट पर भाजपा-NDA का पलड़ा भारी रहा।
कर्नाटक में एनडीए (BJP-JDS) का मजबूत प्रदर्शन
कर्नाटक की 4 सीटों (पश्चिम व दक्षिण-पूर्व स्नातक और बेंगलुरु व उत्तर-पूर्व शिक्षक) पर सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस (NDA) गठबंधन के बीच था।
पश्चिम स्नातक सीट पर भाजपा के एस. वी. संकानूर ने कांग्रेस उम्मीदवार को 9,323 वोटों से हराया।एनडीए प्रत्याशी ए. पी. रंगनाथ ने 5 बार के MLC और कांग्रेस नेता पुट्टन्ना को 908 वोटों से पराजित कर सीट पर कब्जा जमाया।









