क्या आप जानते हैं, अगर आज हम सतर्क नहीं हुए तो आने वाले साल, 2100 तक इंसानियत अरबों साल की हेल्दी लाइफ खो देगी? ये हम नहीं कह रहे, ये कह रही है दुनिया की मेडिकल जर्नल The Lancet,बर्लिन शहर में World Health Summit 2026 में Lancet Commission on 21st Century Global Threats to Health ने अपनी रिपोर्ट जारी की है और रिपोर्ट कहती है – अगले 75 साल में इंसानियत पर एक नहीं, 17 बड़े Catastrophic खतरे मंडरा रहे हैं। और सबसे डरावनी बात तो ये है की अकेले भारत इन सभी 17 खतरों का सामना कर रहा है।
17 खतरे क्या हैं?
Lancet ने 204 देशों के डेटा और IHME – Institute for Health Metrics and Evaluation, Washington के रिसर्च के आधार पर सैकड़ों खतरों में से 17 को चुना। कमीशन ने खतरे को Catastrophic यानी विनाशकारी, तभी माना जब 3 शर्तें पूरी हों :
- वो 2100 तक कम से कम 1 अरब DALYs (Disability-Adjusted Life Year) के लिए जिम्मेदार हो,, ये किसी बीमारी या अकाल मृत्यु के कारण खोए गए स्वस्थ जीवन के वर्षों को मापने का एक पैमाना है। सरल शब्दों में, 1 DALY का मतलब है एक व्यक्ति के पूर्णतः स्वस्थ जीवन का 1 साल कम हो जाना।
- उसका डेटा मौजूद हो
- उस पर Policy Action से फर्क पड़ सकता हो
वो 17 खतरे हैं:
पहला केटेगरी – 2 Extinction Level Threats – मानवता खत्म होने का खतरा –
- AI का गलत इस्तेमाल – जैविक हथियार बनाना
- परमाणु संघर्ष – 133 मिलियन मौतें और 9.35 अरब DALYs का नुकसान
15 Catastrophic Threats:
- मोटापा – Obesity – सबसे बड़ा खतरा – 23.1 अरब DALYs
- कम शिक्षा – 16.1 अरब DALYs
- आय में असमानता – 13.8 अरब DALYs – जो 25 COVID महामारियों के बराबर है
- वायु प्रदूषण
- जलवायु परिवर्तन – 1.8°C तक सीमित किया तो 1.89 अरब साल बचेंगे
- Antimicrobial Resistance – AMR
- बचपन में कुपोषण
- हाई ब्लड प्रेशर
- खराब मानसिक स्वास्थ्य
- धूम्रपान
- ज्यादा शराब
- प्राकृतिक महामारी
- पारंपरिक युद्ध
- हेल्थ के लिए घटती विदेशी मदद – Sub-Saharan Africa पर 70% असर
- अनहेल्दी एजिंग
Lancet के Editor Dr. Richard Horton कहते हैं – “समस्याएँ एक नहीं बल्कि अनेक हैं, इसलिए हम किसी एक तरीके से उनका सामना नहीं कर सकते; हमें हर खतरे से निपटने के लिए अलग-अलग और बड़े कदम उठाने होंगे।.”
भारत पर क्यों सबसे ज्यादा खतरा?
अब आते हैं भारत पर। WHO की पहली Chief Scientist और इस कमीशन की मेंबर Dr. Soumya Swaminathan ने Indian Express से कहा – “भारत पहले से ही कई तरह की बीमारियों और स्वास्थ्य संकटों से जूझ रहा है, और अब बदलता मौसम इन सभी मुसीबतों को कई गुना ज्यादा बढ़ा रहा है।”
एक-एक खतरे का भारत कनेक्शन :
- मोटापा – Biggest Burden
ICMR के मुताबिक भारत में 10.1 करोड़ लोग Diabetes और 13.5 करोड़ लोग Obese हैं। The Lancet Global Health 2024 के अनुसार 2050 तक भारत में 44.9 करोड़ लोग Overweight / Obese होंगे – दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा अमेरिका के बाद। NFHS-5 कहता है शहरी महिलाओं में 33.2फीसदी % और पुरुषों में 29.8फीसदी % Overweight देखा जा रहा है।
- वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन:
WHO Air Quality Database 2024 – दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 14 भारत के। दिल्ली का PM2.5 लेवल WHO लिमिट से 20 गुना ज्यादा।
Lancet Countdown 2024 – भारत में वायु प्रदूषण से हर साल 16.7 लाख मौतें। Climate Change – IMD ने 2024 को भारत का सबसे गर्म साल घोषित किया। Heatwave से 2024 में 700 से ज्यादा मौतें। Lancet कहता है 1.8 डिग्री सेल्सियस °C vs 4.4डिग्री सेल्सियस °C पर 1.89 अरब साल का फर्क है, भारत जैसे Tropical देश में ये फर्क 3 गुना घातक होगा।
- AMR – Silent Pandemic:
Lancet Study 2022 – भारत में AMR से सीधे 2.97 लाख मौतें, दुनिया में सबसे ज्यादा। भारत में बिना Prescription Antibiotic लेना आम है, इसलिए Resistance सबसे तेज। - बचपन में कुपोषण और हाई BP
UNICEF-WHO 2024 – भारत में 5 साल से कम उम्र के 35.5फीसदी % बच्चे Stunted, India Hypertension Control Initiative – भारत में 22 करोड़ वयस्क High BP से पीड़ित, सिर्फ 12फीसदी % का BP कंट्रोल में है।
- आय असमानता और शिक्षा :
World Inequality Lab 2024 – भारत में Top 10फीसदी % के पास 57.7फीसदी % राष्ट्रीय आय, Bottom 50फीसदी % के पास सिर्फ 15फीसदी % ASER 2023 – ग्रामीण भारत में 14-18 साल के 25फीसदी % युवा दूसरी कक्षा की किताब नहीं पढ़ सकते। - AI और परमाणु :
भारत AI Mission पर 10,000 करोड़ खर्च कर रहा है, लेकिन AI Safety पर कोई कानून नहीं। Lancet की एक अलग रिपोर्ट भी कहती है कि AI Misuse से 10.4 अरब DALYs बचाए जा सकते हैं अगर अभी एक्शन लिया।
समाधान क्या है?
तो क्या सब खत्म हो जाएगा? नहीं,,, लैंसेट का कहना है कि “इंसानियत के पास अभी भी कदम उठाने और बदलाव लाने की ताकत है।” कमिशन के को-चेयर प्रोफेसर क्रिस्टोफर मरे कहते हैं – “अगर हम आज कदम उठाने में देरी करेंगे, तो भविष्य में इसकी कीमत और नुकसान दोनों बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगे।”
तीन सूत्रीय फॉर्मूला – Build, Back, Track:
- Build Readiness – हेल्थ सिस्टम को सिर्फ इलाज नहीं, Foresight, Prevention, Preparedness के लिए बनाओ। Crisis आने पर नहीं, पहले से तैयारी।
- Back Breakthroughs – नई वैक्सीन, नई एंटीबायोटिक, मोटापे की दवा, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी में निवेश। भारत को Generic दवाओं से आगे R&D में जाना होगा।
- Track Threats – हर साल Independent Monitoring। इसके लिए Lancet Monitor of 21st Century Global Threats बनाया जाएगा।
Dr. Soumya Swaminathan का भारत के लिए सुझाव – ‘भारत को एक समय में सिर्फ एक संकट सुलझाने की आदत छोड़नी होगी। उसे तकनीक (AI) अपनाने, अपने डेटा को मजबूत करने, सबसे गरीब तबके को सुरक्षित करने और दुनिया के बड़े नीतिगत फैसलों में लीडर की भूमिका निभाने के लिए एक साथ मिलकर काम करना होगा।’
Lancet की रिपोर्ट कोई भविष्यवाणी नहीं है, ये एक चेतावनी है। ये बताती है कि अगर हमने आज Best-Case की तरफ कदम उठाए तो अरबों साल बचाए जा सकते हैं और अगर Worst-Case होने दिया तो वही साल बर्बाद हो जाएंगे। मोटापा, प्रदूषण, असमानता, मानसिक स्वास्थ्य – ये अलग-अलग बीमारियां नहीं हैं, ये एक ही तस्वीर के टुकड़े हैं। और भारत इस तस्वीर के बिल्कुल बीच में खड़ा है। सवाल ये नहीं है कि भारत इन 17 खतरों से बचेगा या नहीं, सवाल ये है कि भारत इन्हें रोकने में दुनिया को लीड करेगा या नहीं। क्योंकि 2100 बहुत दूर नहीं है। आज पैदा हुआ बच्चा तब 74 साल का होगा। हम उसके लिए कैसी दुनिया छोड़ रहे हैं, ये आज तय होगा।











