चुनाव आयोग ने BLO ऐप में जोड़ा नया फीचर ‘Mark VIP’, SIR के बीच वोटर्स में भेदभाव

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के ऐप में एक नया फीचर जोड़ दिया है। इस फीचर का नाम है ‘Mark VIP’। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, BLO ऐप में यह अपडेट 30 जुलाई को किया गया। ऐपल ऐप स्टोर के रिकॉर्ड में 31 जुलाई को ‘mark VIP elector related changes’ के साथ यह बदलाव दर्ज है।

क्या है यह फीचर?

‘Mark VIP’ फीचर की मदद से BLO किसी मतदाता को वीआईपी के रूप में मार्क कर सकते हैं। इसके बाद एईआरओ, ईआरओ और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय स्तर पर इसकी जांच होती है। अधिकारियों का कहना है कि इससे वीआईपी मतदाताओं के फॉर्म और दस्तावेज आसानी से प्रोसेस किए जा सकते हैं। हालांकि, ये मतदाता दावे-आपत्ति की प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं। उन्हें नोटिस भी जारी किए जा सकते हैं।

कब से है यह प्रावधान?

चुनाव आयोग के नियमों में वीआईपी मतदाताओं को मार्क करने का प्रावधान 2018 से मौजूद है। 2023 के इलेक्टोरल रोल्स मैनुअल में भी सांसद, विधायक, जज, कलाकार, खिलाड़ी और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को ‘मार्क्ड इलेक्टर्स’ के रूप में चिह्नित करने का निर्देश है। दिल्ली में ऐसे करीब 3,000 वीआईपी मतदाता बताए जाते हैं। न्यू दिल्ली जिले में ही लगभग 1,000 ऐसे मतदाता हैं।

SIR के बीच क्यों जोड़ा गया?

यह अपडेट तब हुआ जब दिल्ली समेत कई राज्यों में SIR की गणना या दावे-आपत्ति का चरण चल रहा था। पश्चिम बंगाल के BLO एसोसिएशन के एक सदस्य ने बताया कि 2025 में जब वहां SIR हुआ था, तब यह फीचर ऐप में नहीं था। अब हाल ही में जोड़ा गया है। दिल्ली और हरियाणा के कुछ BLO ने पुष्टि की है कि उनके ऐप में यह विकल्प सक्रिय है।

विवाद का संदर्भ

हाल ही में दिल्ली में कई प्रमुख व्यक्तियों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी नोटिस भेजे गए थे। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और चुनाव आयुक्त एसएस संधू शामिल हैं। इसी बीच नया फीचर चर्चा में आ गया है। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस फीचर को जोड़ने के कारण पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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