राजधानी के बालाजी अस्पताल में दो घटनाओं से सनसनी: अस्पताल से सिपाही ने लगाई छलांग, MBBS छात्र की संदिग्ध मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। मोवा स्थित बालाजी अस्पताल (Balaji Hospital) में इलाज करा रहे 45 वर्षीय सिपाही ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे ICU में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, इसी अस्पताल से जुड़े बालाजी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में MBBS तृतीय वर्ष के 22 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।

मृतक नारायण सिंह।

मोवा स्थित बालाजी अस्पताल में जशपुर में पदस्थ सिपाही देव नारायण सिंह (45) का हार्ट अटैक के बाद इलाज चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसे 9 सितंबर की रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पहली मंजिल स्थित कार्डियक यूनिट में उपचाराधीन था। उसके साथ पत्नी और अन्य परिजन भी मौजूद थे।

गुरुवार रात खाना खाने और दवा लेने के बाद देव सोने चला गया। रात करीब 10 बजे वह बाथरूम जाने के लिए उठा। इसके बाद उसने अस्पताल की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने से उसके सिर और सीने में गंभीर चोट आई।

घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कर्मी और अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा और गंभीर रूप से घायल सिपाही को तत्काल ICU में भर्ती कराया गया। हालांकि, शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार देव नारायण सिंह को कुछ साल पहले भी हार्ट अटैक आया था और उसके हार्ट की सर्जरी हुई थी। उपचार के बाद वह स्वस्थ होकर दोबारा नौकरी पर लौट आया था। डॉक्टरों के मुताबिक वह छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा सोचता था। पुलिस के अनुसार किसी पारिवारिक या विभागीय विवाद की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। देव के दो बच्चे हैं।

हॉस्टल में MBBS छात्र की संदिग्ध मौत

मृतक विनायक सैनी।

दूसरी घटना बालाजी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की है। यहां MBBS तृतीय वर्ष के छात्र विनायक सैनी (22) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मूल रूप से राजस्थान के अजमेर का रहने वाला विनायक छुट्टी में घर गया था और गुरुवार रात ही रायपुर लौटा था।

पुलिस के मुताबिक, रात में वह अपने दोस्त के कमरे में बैठा था। साथी ने उसे खाना खाने के लिए चलने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद दोस्त उसे कमरे में छोड़कर चला गया।

रात करीब 2 बजे जब साथी वापस लौटा तो विनायक बिस्तर पर बेसुध पड़ा था। उसने अन्य छात्रों को इसकी जानकारी दी। छात्र उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कमरे और मोबाइल की जांच

विनायक की मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। छात्र के नशे का आदी होने की चर्चा की जानकारी पुलिस को मिली है। इसी आधार पर पुलिस नशे की अधिक मात्रा यानी ओवरडोज की आशंका को भी जांच के दायरे में रख रही है।

पुलिस ने छात्र के कमरे की तलाशी ली है और उसका मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मौत से पहले उसने कोई नशीला पदार्थ लिया था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।

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