नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में शनिवार से 18 वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है। रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन पहुंच चुके हैं। बाग्लादेश के पीएम तारिक रहमान ने सम्मेलन में शामिल होने से इंकार कर दिया है। गौरतलब है कि बांग्लादेश निरंतर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। सीमा पर सैन्य गतिरोध के बाद रिश्तों में आई नरमी के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बातचीत का रास्ता साफ हो गया है। भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेता जुटेंगे।
जिनपिंग मोदी मुलाकात पर सबकी नजर
इस अहम सम्मेलन में दुनिया की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर है। सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग की पीएम मोदी के साथ बैठक में एलएसी, व्यापार और दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के नेता भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था
ब्रिक्स समिट के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 15 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी, 200 पैरामिलिट्री जवान और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान 35 से ज्यादा सड़कों पर अस्थायी रोक, डायवर्जन और ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि दिल्ली में कोई पूर्ण बंदी नहीं है और मेट्रो, बस, ऑटो और कैब सेवाएं चलती रहेंगी।
समिट से पहले तारिक रहमान पर सस्पेंस खत्म
बांग्लादेश ने गुरुवार को प्रधानमंत्री तारिक रहमान के इस सप्ताह भारत में होने वाले ब्रिक्स समिट में शामिल होने की संभावना से इनकार कर दिया। ढाका का कहना है कि रहमान को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर सम्मेलन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। हालांकि भारत का कहना है कि रहमान को बिम्सटेक के मौजूदा चेयरमैन के तौर पर समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने के लिए न्योता दिया गया है।
पुतिन की महत्वपूर्ण मौजूदगी
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब पुतिन रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को व्यापक बातचीत होगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, फार्मास्यूटिकल्स और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों समेत कई मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। एयरपोर्ट पर पुतिन के स्वागत उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे पुतिन का एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री के. वी. सिंह ने स्वागत किया। पुतिन की भारत यात्रा के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
ड्रोन की उड़ानों और यातायात पर प्रतिबंध
दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रमुख और उनके प्रतिनिधिमंडल शामिल होने आ रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। इस दौरान शुक्रवार से राजधानी की 35 से अधिक सड़कों पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहेगा। ड्रोन की उड़ान पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। पुतिन समेत ब्रिक्स नेताओं के पहुंचने पर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी शनिवार को भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
राजधानी में 15 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिसकर्मी, 200 पैरामिलिट्री जवान और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं।दिल्ली में पूरी तरह से बंदी नहीं होगी, लेकिन वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही वाले रास्तों पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है और डायवर्जन या अन्य प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, जनपथ और शांति पथ समेत 35 से ज्यादा सड़कों पर असर पड़ने की संभावना है।मेट्रो, बस, ऑटो और कैब सेवाएं चलती रहेंगी, हालांकि प्रतिबंधित इलाकों में इनकी आवाजाही और पहुंच को नियंत्रित किया जा सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपना रूट तय कर लें और ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर दिल्ली में पूरी तरह बंदी की चल रही खबरों को पुलिस ने गलत बताया है।









