अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पदस्थ ट्रेनी IPS और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। हरियाणा के रहने वाले एक व्यक्ति ने इस मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट, दिल्ली में परिवाद दायर किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठगी के एक मामले की जांच के दौरान उससे कार्रवाई प्रभावित करने के लिए एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई और यह रकम कथित तौर पर हवाला के जरिए पहुंचाई गई।
शिकायत में अंबिकापुर साइबर सेल के ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा पर भी रिश्वत के लेन-देन में बिचौलिये की भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के साथ व्हाट्सऐप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए गए हैं।
कोर्ट में शिकायत ठगी के एक मामले के आरोपी हरियाणा के आकाश कुमार ने की है। आकाश कुमार ने शिकायत में लिखा कि उन्होंने 8 जून 2026 को CBI निदेशक को लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने और जांच की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उसने CBI स्पेशल कोर्ट में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत परिवाद दायर किया।
परिवाद में ट्रेनी IPS राहुल बंसल, ASI प्रवीण कुमार राठौर, आरक्षक अंशुल शर्मा और CBI को पक्षकार बनाया गया है। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
डीजीपी ने मांगा समय लेकिन कोर्ट ने नहीं किया स्वीकार
मामले की सुनवाई करते हुए CBI स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश ने CBI, राहुल बंसल, ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को नोटिस जारी किया है। सभी पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं के माध्यम से जवाब दाखिल किया जा चुका है।
इसके अलावा कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) को भी नोटिस जारी कर मामले में रिपोर्ट मांगी है। DGP की ओर से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को निर्धारित है।
ठगी के केस की जांच के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार, यह पूरा मामला अंबिकापुर साइबर थाने में दर्ज एक ऑनलाइन ठगी के केस से जुड़ा है। आरोप है कि शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच के दौरान शिकायतकर्ता से कार्रवाई प्रभावित करने और राहत देने के बदले एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह रकम हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और साइबर सेल के दो पुलिसकर्मियों ने इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि यह मामला फिलहाल CBI स्पेशल कोर्ट में लंबित है। शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की अभी किसी जांच एजेंसी या अदालत द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय तथा जांच के बाद ही सामने आएगा।
मामले में आरोपों को लेकर ट्रेनी IPS राहुल बंसल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।








