फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत राजभवन पहुंची, उच्चस्तरीय जांच की मांग

Pharmacy Council

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल (CG Pharmacy Council) में कथित वित्तीय अनियमितताओं, नियमों के उल्लंघन, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों को लेकर राज्यपाल के नाम शिकायत सौंपते हुए उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायत काउंसिल के निर्वाचित सदस्य भगत राम शर्मा, पदेन सदस्य डॉ. राकेश गुप्ता और निर्वाचित सदस्य संदीप बजाज ने संयुक्त रूप से प्रस्तुत की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Pharmacy Act, 1948 और मध्य प्रदेश फार्मेसी रूल्स, 1978 जो छत्तीसगढ़ में भी लागू हैं, की अवहेलना करते हुए परिषद में बहुमत के आधार पर कई ऐसे निर्णय लिए गए, जिनसे पदाधिकारियों को वित्तीय लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि परिषद की सामान्य सभा, कार्यकारिणी के कार्यवृत्त, आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज और अन्य अभिलेख इन आरोपों की पुष्टि करते हैं।

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप थाना तेलीबांधा में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0144/2023 से जुड़े सीलबंद अभिलेखों की सील तोड़कर साक्ष्यों से कथित छेड़छाड़ का लगाया गया है। इसके अलावा अध्यक्ष को नियमों के विपरीत सिटिंग अलाउंस, वाहन, चालक और अन्य सुविधाएं देने, रजिस्ट्रार की वित्तीय स्वीकृति सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा मानदेय और नियुक्ति की योग्यता में नियम-विरुद्ध संशोधन करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

राज्यपाल से की गई शिकायत में पिछले पांच वर्षों के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच, 5 सितंबर 2023 से अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) अथवा अन्य सक्षम एजेंसी से विशेष वित्तीय जांच, तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और पदाधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।

साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों के वित्तीय निर्णय लेने पर रोक लगाने की भी अपील की गई है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल जनस्वास्थ्य और फार्मेसी व्यवसाय से जुड़ी एक महत्वपूर्ण वैधानिक संस्था है। यदि ऐसी संस्था में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इससे न केवल संस्था की साख प्रभावित होगी, बल्कि आम लोगों का विश्वास भी कमजोर होगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories