रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक माहेश्वरी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय (PHQ) में प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ी शिकायत की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। इस मामले में दंतेवाड़ा के एसपी एवं जांच अधिकारी गौरव राय के समक्ष शिकायतकर्ता वरिष्ठ भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने अपना विस्तृत लिखित बयान दर्ज कराया है।
यह बयान 5 जुलाई को सौंपा गया, जिसमें शिकायत में लगाए गए आरोपों को दोहराने के साथ कई बिंदुओं पर जांच का दायरा बढ़ाने की मांग भी की गई है।
नरेश चंद्र गुप्ता ने 10 नवंबर 2025 को डीजीपी, छत्तीसगढ़ को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी ने रायपुर और अन्य पदस्थापनाओं के दौरान प्रशासनिक कदाचार किया।
शिकायत में महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप प्रकरण में कथित संरक्षण देने, दो पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाने, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में बाधा पहुंचाने, आय से अधिक संपत्ति और सेवा नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच अधिकारी को दिए गए बयान में शिकायतकर्ता ने कहा है कि उनकी मूल शिकायत बिना उन्हें सूचना दिए जांच के लिए अग्रेषित कर दी गई थी। उन्होंने जांच में सहयोग की इच्छा जताते हुए कई दस्तावेजों को रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने और कुछ प्रमुख व्यक्तियों के बयान दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों को भी जांच में शामिल करने का आग्रह किया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी संबंधित दस्तावेजों और गवाहों को शामिल किया जाना आवश्यक है। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज होने के साथ ही अब इस मामले में जांच प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है।










