रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (Mains) की प्रस्तावित तिथि को लेकर अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई है। अभ्यर्थियों ने आयोग की अध्यक्ष रीता शांडिल्य को पत्र लिखकर परीक्षा की तारीख स्थगित करने की अपील की है। अभ्यर्थियों ने पत्र में मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दे उठाए हैं:
तैयारी के लिए समय की कमी
पिछले वर्षों में मुख्य परीक्षा आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह में होती थी। इस बार प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों के बाद मुख्य परीक्षा के बीच का समय काफी कम (लगभग 50 दिन कम) कर दिया गया है। पाठ्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए अभ्यर्थियों को पर्याप्त रिवीजन और तैयारी के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत बताई जा रही है।
भीषण गर्मी का खतरा
छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। लू के प्रकोप में परीक्षा केंद्र पहुंचना और एकाग्रता बनाए रखकर परीक्षा देना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
यात्रा की परेशानी
मुख्य परीक्षा केवल संभागीय मुख्यालयों में आयोजित होती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को घंटों की यात्रा करनी पड़ती है। भीषण गर्मी में बस, ट्रेन या दोपहिया वाहन से यात्रा करना शारीरिक और मानसिक रूप से थकान भरा साबित हो रहा है, जिससे परीक्षा के प्रदर्शन पर असर पड़ने की आशंका है।
अभ्यर्थयों ने अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इन व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तारीख कुछ समय के लिए आगे बढ़ा दी जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष मौका मिल सके।
आयोग की प्रतिक्रिया
इस मामले पर ‘द लेंस’ ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष रीता शांडिल्य से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों का आवेदन उनके पास पहुंच गया है। हालांकि, जब इस मुद्दे पर आयोग के संज्ञान और आगे की कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फोन काट दिया।
गौरतलब है कि वर्तमान में CGPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 16 से 19 मई 2026 के बीच आयोजित करने का कार्यक्रम घोषित किया गया है। अभ्यर्थी इस फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी मांग रख रहे हैं। आयोग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। परीक्षा की तारीख में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला आयोग द्वारा ही लिया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि स्वास्थ्य और बेहतर तैयारी को प्राथमिकता देते हुए आयोग को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।









