रायपुर। छत्तीसगढ़ में रसोई गैस (LPG) की बढ़ती खपत और सीमित आपूर्ति को देखते हुए राज्य सरकार ने रिफिल बुकिंग को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी घरेलू उपभोक्ता 45 दिन के बजाय 25 दिन के भीतर दूसरे सिलेंडर की बुकिंग करा सकेंगे, यानी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए समान नियम लागू कर दिए गए हैं।
खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य में LPG की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और जमाखोरी रोकने के उपायों पर चर्चा की गई।
पहले शहरी क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ता 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग कर सकते थे।
अब नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी 25 दिन बाद रिफिल बुकिंग की सुविधा दी जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। हालांकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 45 दिन का अंतराल यथावत रखा गया है।
कमर्शियल गैस पर भी नियंत्रण
बैठक में यह भी तय किया गया कि व्यावसायिक LPG उपभोक्ता संस्थानों और प्रतिष्ठानों को पिछले महीने की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा सकेगी।
उपलब्ध भंडार को देखते हुए गैस वितरण में कुछ संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान, सैन्य और अर्द्धसैन्य शिविर, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय और गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां, रेस्टोरेंट शामिल हैं।
गैस एजेंसियों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने।
साथ ही वितरकों को अपने फोन नंबर सक्रिय रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। अब तक 291 स्थानों पर छापेमारी कर 3791 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
रोजाना होगी भंडार की समीक्षा
बैठक में यह भी तय किया गया कि वाणिज्यिक LPG भंडार और वितरण की रोजाना समीक्षा तेल कंपनियां करेंगी और इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन खाद्य विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य गैस की जमाखोरी रोकना, वितरण प्रणाली को संतुलित करना और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराना है।
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