लेंस न्यूज। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। ईरान ने भारत समेत कुछ दोस्त देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट (strait of hormuz) से गुजरने की अनुमति दे दी है। इससे ग्लोबल तेल सप्लाई और ट्रेड पर पड़ रहा दबाव कुछ कम हो सकता है।
ईरान ने साफ किया है कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाज इस रास्ते से आ-जा सकते हैं। ईरान के मुंबई स्थित कॉन्सुलेट ने भी सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। हालांकि, इन जहाजों को पहले ईरान के अधिकारियों से संपर्क करना होगा और कुछ नियमों का पालन करना होगा।
अमेरिका-इजरायल के लिए रास्ता बंद
ईरान ने कहा है कि अमेरिका, इजरायल और उनके साथ खड़े देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने नहीं दिया जाएगा। ईरान के मुताबिक, यह इलाका अभी भी वार जोन है। ला यह फैसला संयुक्त राष्ट्र की अपील के बाद लिया गया है। UN ने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो तेल, गैस और खाद की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा, जिससे आम लोगों को नुकसान होगा।
भारत को क्या फायदा?
भारत के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल बाहर से मंगाता है। इस फैसले से भारत को ये फायदे होंगे:
पहला: तेल और गैस की सप्लाई जारी रहेगी।
दूसरा: पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।
तीसरा: खाद (फर्टिलाइजर) की सप्लाई बनी रहेगी।
चौथा: शिपिंग और इंश्योरेंस का खर्च कम होगा।
पांचवा: सामान समय पर पहुंचेगा।
हालांकि हालात पूरी तरह ठीक नहीं हैं। ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी फाइटर जेट गिराने का दावा किया, लेकिन अमेरिका ने इसे गलत बताया। अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए एक प्लान भी भेजा है, जिसमें न्यूक्लियर प्रोग्राम और मिसाइल कंट्रोल जैसे मुद्दे शामिल हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है। यहां से करीब 20% ग्लोबल तेल सप्लाई गुजरती है। इसलिए इसका खुला रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। ईरान के इस फैसले से भारत समेत कई देशों को राहत मिली है।











