फेसबुक और यूट्यूब पर डिप्रेशन और लत लगने का जुर्म साबित, अमेरिकी अदालत ने लगाया 3 मिलियन डॉलर का हर्जाना

नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। कैलिफोर्निया की एक जूरी ने बुधवार को सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनियों मेटा और यूट्यूब Facebook and YouTube को सोशल मीडिया की लत से जुड़े एक ऐतिहासिक मुकदमे में दोषी पाया, जिसमें यह निर्धारित किया गया कि कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन और संचालन में लापरवाही बरत रही थीं।  ज्यूरी ने हर्जाने के तौर पर 3 मिलियन डॉलर की राशि निर्धारित की, जिसमें से मेटा को 70 प्रतिशत और यूट्यूब को 30 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।यह फैसला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा झटका है, जो अपने उत्पादों और बच्चों पर उनके प्रभाव को लेकर देशभर में कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। इस फैसले का असर इसी तरह के अन्य मामलों पर भी पड़ सकता है। 

यह मुकदमा लगभग दो महीने तक चला, जिसमें इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा और गूगल के यूट्यूब के खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त हुई। यह बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े पहले हाई-प्रोफाइल मुकदमों में से एक है। टिकटॉक और स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप भी प्रतिवादी थे, लेकिन जनवरी में मुकदमा शुरू होने से पहले ही दोनों ने समझौता कर लिया था। 

लॉस एंजिल्स सुपीरियर कोर्ट में चल रहा यह मामला सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ व्यक्तियों, स्कूल जिलों और राज्यों द्वारा दायर हजारों मुकदमों के समेकन का हिस्सा है। एक अन्य मामला संघीय अदालत में चलने की उम्मीद है। 

यह मुकदमा केजीएम नाम की 20 वर्षीय युवती की शिकायत पर आधारित है, जिसने बचपन से ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू कर दिया था और उसका कहना है कि उसे इसकी लत लग गई थी। केजीएम के वकीलों ने अदालत को बताया कि इसके परिणामस्वरूप उसका अवसाद, चिंता, शारीरिक विकृति और आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ गई या और भी गंभीर हो गई।

यह फैसला न्यू मैक्सिको में एक ग्रैंड जूरी द्वारा एक अलग मुकदमे में मेटा को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से समझौता करने का दोषी पाए जाने के ठीक एक दिन बाद आया है । कंपनी को न्यू मैक्सिको के अनुचित व्यवहार अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए 375 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है, जो पूरे राज्य में अनुचित, भ्रामक और गुमराह करने वाले व्यावसायिक उपक्रमों पर रोक लगाता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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