सौम्या चौरसिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को शीघ्र सुनवाई करने को कहा, सह-आरोपियों को मिली जमानत के आदेशों को भी ध्यान रखने का निर्देश

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रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में प्रभावशाली अधिकारी रहीं निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को निर्देश दिए हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा है कि हाईकोर्ट दोनों मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध कर यथाशीघ्र, लेकिन दो सप्ताह से अधिक विलंब न करते हुए निर्णय लेने का प्रयास करे।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट याचिकाकर्ता एवं अन्य सह-आरोपियों को दी गई जमानत से जुड़े विभिन्न आदेशों को भी ध्यान में रखे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है और इसे इस रूप में देखा जा रहा है कि इससे हाईकोर्ट में राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की दलीलों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

दरअसल, याचिका में मुख्य राहत जमानत से संबंधित है। इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से संपर्क करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि याचिकाकर्ता को आर्थिक अपराध शाखा, छत्तीसगढ़ ने एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया है। यदि गिरफ्तारी से संबंधित कोई विवाद हो तो वे एक सप्ताह के भीतर दोनों मामलों में हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अंतिम हिस्से को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सह-आरोपियों को पहले से मिली जमानत के आदेशों को ध्यान में रखने के निर्देश को इस रूप में देखा जा रहा है कि इससे हाईकोर्ट में राज्य सरकार और जांच एजेंसियों के लिए स्थिति और जटिल हो सकती है।

अब इस मामले में आगे की कानूनी दिशा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगी, जिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हैं।

आपको बता दें कि सौम्या चौरसिया को ईडी ने शराब घोटाले के केस में गिरफ्तार किया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी केस की वजह से लंबे समय से जेल में बंद रहीं सौम्या गिरफ्तारी के बाद 2 साल 5 महीना 29 दिन बाद जमानत पर बाहर आईं थीं। 2 जून को उन्हें और उनके साथ दो आईएएस समीर बिश्नोई और रानू साहू भी जमानत पर छूटी थीं।

एजेंसियों की जांच के अनुसार, सौम्या चौरसिया के जेल में रहते तक शराब घोटाले केस में उनकी भूमिका का एजेंसियों को पता नहीं चला था। उनके जमानत पर छूटने के करीब डेढ़ महीने बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था। चैतन्य के गिरफ्तार होने के बाद जांच में शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया की भी संलिप्तता सामने आई और उन्हें ईडी ने 16 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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