भारत ने पहला ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप जीता, नेपाल को फाइनल में 7 विकेट से हराया

भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम (Blind Women T20 World Cup) ने इतिहास रच दिया है। पहली बार हुए ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भारत ने अपने नाम कर ली। रविवार को कोलंबो के पी सारा ओवल मैदान पर खेले गए फाइनल में भारत ने नेपाल को 7 विकेट से आसानी से हरा दिया। पूरी टूर्नामेंट में टीम एक भी मैच नहीं हारी। टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी। गेंदबाजों ने कमाल दिखाया और नेपाल की टीम 20 ओवर में 5 विकेट खोकर सिर्फ 114 रन ही बना सकी। खास बात ये रही कि पूरी पारी में नेपाल सिर्फ एक चौका ही लगा पाई।

जवाब में भारतीय टीम ने महज 12 ओवर में 3 विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। फुला सरेन ने नाबाद 44 और करुणा ने 42 रनों की शानदार पारी खेली। सेमीफाइनल में भारत ने मजबूत ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया था। नेपाल ने दूसरा सेमीफाइनल पाकिस्तान को 7 विकेट से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी।

11 नवंबर से शुरू हुए इस वर्ल्ड कप में 6 टीमें भारत, नेपाल, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और अमेरिका शामिल थीं। हर टीम ने एक-दूसरे से 5-5 मैच खेले। टॉप-4 में जगह बनाने वाली टीमों ने सेमीफाइनल खेला और आखिर में ट्रॉफी भारत की झोली में आई। ब्लाइंड क्रिकेट में प्लास्टिक की गेंद इस्तेमाल होती है जिसमें लोहे की गोलियां होती हैं जो टप्पा खाने पर आवाज करती हैं। टीम में B1 (पूरी तरह अंध), B2 और B3 कैटेगरी की खिलाड़ी होती हैं। गेंदबाजी अंडरआर्म होती है और पूरी तरह ब्लाइंड खिलाड़ियों के लिए रनर रखा जाता है।

9 राज्यों की 16 बेटियों ने मिलकर किया कमाल

कप्तान दीपिका टीसी (कर्नाटक) के नेतृत्व में टीम में कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, असम और बिहार की खिलाड़ियां शामिल थीं। ये बेटियां स्कूल, एनजीओ और कम्युनिटी कैंपों से चुनी गई थीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा –
“भारतीय ब्लाइंड महिला टीम ने इतिहास रच दिया। पूरी सीरीज में अजेय रहना और मेहनत, टीमवर्क व जज्बे की मिसाल कायम करना गजब का है। हर खिलाड़ी चैंपियन है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।”एक साल, दो वर्ल्ड कपखास बात ये है कि इसी साल नवंबर महीने में भारत की एबल्ड महिला टीम ने भी पहला वर्ल्ड कप जीता था। अब ब्लाइंड महिला टीम ने भी ट्रॉफी जीतकर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया।भारत की ये बेटियां साबित कर गईं कि अगर हौसला बुलंद हो तो आंखें बंद होने से कुछ नहीं रुकता। बधाई हो चैंपियंस! जय हिंद!”

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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