सीएम साय ने समीक्षा बैठक में कहा – ‘नशा, सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर फोकस’, कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा ‘कलेक्टरों पर दबाव बनाकर कराये जा रहे काम’

CG SAMEEKSHA BAITHAK

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 12 अक्टूबर से तीन दिवसीय समीक्षा बैठकें (CG SAMEEKSHA BAITHAK)चला रहे हैं। सोमवार को उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ बैठक की, जिसमें कानून-व्यवस्था, नशे के कारोबार और सड़क सुरक्षा पर सख्त निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि नशा अन्य अपराधों को जन्म देता है, इसलिए मादक पदार्थों पर कड़ी नकेल कसी जाए। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर अवैध रेत खनन और कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोला और तीसरे दिन की समीक्षा रद्द होने पर सवाल उठाए।

सीएम साय के मुख्य निर्देश

बैठक में सीएम साय ने एसपी सम्मेलन के दौरान कहा कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर तुरंत कार्रवाई हो। NDPS एक्ट के तहत मामलों में तय समय में चार्जशीट दाखिल की जाए और कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया, ताकि पड़ोसी राज्यों से आने वाली गतिविधियों पर रोक लगे। नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए जिसमें युवाओं को नशे के नुकसानों के बारे में बताया जाए।

सड़क सुरक्षा पर चिंता जताते हुए सीएम ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने, नशे में गाड़ी चलाने जैसे उल्लंघनों पर सख्ती हो। सभी जिलों में दुर्घटना वाले ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर सुधार कार्य जल्द पूरा करें। उन्होंने जोर दिया कि कानून का डर पैदा हो, ताकि लोग नियमों का पालन करें। इसके अलावा, महिला और बालिका से जुड़े अपराधों में संवेदनशीलता बरतें, और तय समय में केस निपटाएं। साइबर क्राइम पर जागरूकता अभियान चलाने, हेल्पलाइन का प्रचार करने और नए थाने खोलने के निर्देश भी दिए।

कांग्रेस का हमला: अवैध रेत खनन और कानून व्यवस्था पर सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बैठक पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सीएम ने अवैध रेत खनन को स्वीकार किया, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं। कलेक्टरों पर दबाव डालकर सरकार खुद को बचाने की कोशिश कर रही है। बैज ने धान खरीदी नीति पर भी निशाना साधा, कहा कि नीति सरकार बनाती है, कलेक्टर सिर्फ लागू करते हैं। कवर्धा में आदिवासी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बोले, ‘सरकार आम लोगों को सुरक्षा नहीं दे पा रही, इसलिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।’

उन्होंने तीसरे दिन की सुशासन समीक्षा रद्द होने पर कहा कि सरकार को डर है कि भ्रष्टाचार और अराजकता की पोल खुल जाएगी। बलौदाबाजार में आदिवासी युवक पर पुलिस की बर्बरता का उदाहरण देकर बोले ‘पुलिस अपराधी को छोड़कर निर्दोषों पर हमलावर हो रही है।’

कल हुई थी कलेक्टरों से 9 घंटे की चर्चा

12 अक्टूबर रविवार को सीएम ने कलेक्टरों के साथ 9 घंटे की बैठक की जिसमें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस रहा। लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाई, जबकि अच्छा काम करने वालों की सराहना की। सोमवार को एसपी सम्मेलन के बाद दोपहर 2 से 4 बजे तक डीएफओ (वन अधिकारी) सम्मेलन हुआ, जिसमें वन्यजीव संरक्षण, संसाधन प्रबंधन और वन नीतियों की समीक्षा की गई।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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