पूर्व विधायक ने अपनी ही सरकार के इस फैसले पर क्यों उठाए सवाल?

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रायपुर। प्रदेश में 67 नई शराब दुकाने खोलने के फैसले पर अब भारतीय जनता पार्टी में सवाल उठने लगे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नई शराब दुकान खोलने के निर्णय पर पुर्नविचार करने को कहा है। इसके साथ ही नई दुकान खोलने की प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है। इससे पहले भाजपा छगन मुंदड़ा ने मिनी बीयर प्लांट पर सवाल उठाए थे।

देवजी भाई पार्टी ने अपने पत्र में लिखा कि राज्य सरकार ने जो नई शराब दुकान खोलने का फैसला किया है, उसका प्रदेश भर में विरोध चल रहा है। खासकर महिलाओं ने शासन-प्रशासन के  खिलाफ मोर्चा भी खोल रखा है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लोगों की जनभावनाओं पर असर हुआ है। लोग प्रदेश में नई शराब दुकान खोलने के विरोध में ही नहीं बल्कि प्रदेश में शराब बंदी के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। पत्र में देवजी भाई ने लिखा कि राज्य शासन भी प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की कोशिशों में लगी है। ऐसे में नई दुकानें खोलने के फैसले ने प्रदेश की जनता को आहत किया है।

देवजी भाई ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने शराब बंदी के लिए कई प्रयास किए। इसमें सबसे अहम है 2010 में प्रदेश सरकार की तरफ से ‘आंशिक नशा मुक्ति’ के लिए की गई कोशिशें।

उन्होंने खुद के बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी की याद दिलाई और बताया कि प्रदेश में शराब दुकानों को लेकर तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल ने ‘आंशिक नशा मुक्ति’ के तहत कम किया था। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1054 शराब दुकानों में से 350 शराब दुकानों को दो वर्ष के अंतराल में बंद किया। इसके अलावा अवैध शराब बिक्री पर भी रोक लगाने के कई प्रयास किए गए। अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कानून में कड़ी सजा का प्रावधान भी किया गया। इसका नतीजा रहा कि प्रदेश में 2010 के बाद कभी शराब दुकानों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई।

भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार की कोशिशों को याद दिलाते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि 2016-17 में अवैध शराब बिक्री पर कंट्रोल करने ठेकेदारी प्रथा खत्म करने नए नियम बनाए गए। इसके बाद से शराब दुकानों का संचालन राज्य सरकार ने करना शुरू किया। इसकी वजह से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार में किसी भी तरह की नई शराब दुकानें नहीं खोली गईं।

पूर्व विधायक ने 2018 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार की गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने पत्र में लिखा कि कोविड काल में भी प्रदेश में पूर्व की कांग्रेस सरकार ने जनता की भावनाओं के खिलाफ जाकर निर्णय लिया और प्रीमियम शॉप का कॉन्सेप्ट लाकर शराब की दुकानें बढ़ाईं। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन का गठन किया था, जो शराब दुकानों का संचालन करती थीं। कांग्रेस सरकार ने इस कार्पोरेशन के जरिए जनता के खिलाफ जाकर बड़ा भ्रष्टाचार किया। इसका परिणाम 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में रहा।

अपने पत्र के जरिए नई शराब दुकान खोलने पर नाराजगी जताते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि राज्य सरकार को छत्तीसगढ़ को नशा मुक्त राज्य बनाने की ओर बढ़ना चाहिए। नई दुकान खोलकर जन भावनाओं को आहत करने का काम सरकार का नहीं हो ना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि 67 नई शराब दुकानें खोलने का फैसला सरकार वापस ले और जनता की भावनाओं का ख्याल रखे।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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