नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गरमाई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा निकाले गए ऐतिहासिक मार्च और प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग FIR दर्ज कर ली हैं। दूसरी ओर, इस राजनीतिक तनाव के बीच विपक्ष ने अपनी रणनीति तेज कर दी है।
कनॉट प्लेस समेत चार थानों में दर्ज हुईं FIR
दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को हुए प्रदर्शन और मार्च के सिलसिले में कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंभा और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशनों में कुल 4 FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, सरकारी कामकाज में बाधा और प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने जैसे आरोपों के तहत की है। उल्लेखनीय है कि विपक्ष ने सोमवार को बाराखंभा रोड से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़ा मार्च निकाला था, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत 11 प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए थे। विपक्षी सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आधिकारिक याचिका भी दाखिल की है।
राहुल गांधी ने बुलाई ‘हाई टी’ मीटिंग, आज हो सकती है बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर बढ़ती सरगर्मी के बीच विपक्ष अब आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज शाम 4 बजे सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं को अपने आवास पर ‘हाई टी’ (चाय पर चर्चा) के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक में आगे के आंदोलनों और संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने की रणनीति पर मंथन होगा। इसके अलावा, INDIA ब्लॉक के नेता आज एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ अपने आरोपों और आगे के कदमों को देश के सामने रख सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्यों हमलावर है विपक्ष? जानिए 4 मुख्य वजहें
विपक्षी दलों और INDIA ब्लॉक का मुख्य निशाना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, जिनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्ष के आक्रामक रुख के पीछे मुख्य रूप से चार बड़ी वजहें बताई जा रही हैं:
- SIR पर आंतरिक आपत्तियां (14 बार विरोध): मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से विपक्ष का दावा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
- वोटर लिस्ट प्रक्रिया पर सवाल:दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की पूरी प्रक्रिया के साथ-साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए थे।
- फॉर्म-6 में बदलाव का विरोध:SIR से जुड़े एक मामले में फॉर्म-6 में नया सवाल जोड़े जाने की प्रक्रिया पर भी दोनों आयुक्तों ने असहमति जताई थी।
- डेटा पहुंच और कार्य-बंटवारे पर चिंता: चुनाव आयोग के भीतर डेटा और सॉफ्टवेयर तक प्रशासनिक पहुंच तथा कामकाज के बंटवारे से जुड़े आदेशों को नियमों के विपरीत और पारदर्शी न होने का आरोप लगाया गया है।








