India weather update: देश के कई हिस्सों में मॉनसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश में बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन और बांध टूटने की घटनाओं ने कई लोगों की जान ले ली और हजारों को बेघर कर दिया।
पंजाब: बाढ़ का कहर, नदियां उफान पर
पंजाब में भारी बारिश ने 8 जिलों के 1018 गांवों को बाढ़ की चपेट में ला दिया। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गुरदासपुर के घोनेवाले में रावी नदी के उफान से धुस्सी बांध टूट गया, जिसके कारण पानी 15 किलोमीटर दूर अजनाला शहर तक पहुंच गया।
इस आपदा में 80 गांव जलमग्न हो गए। अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, 3 लोग लापता हैं और 11,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
कपूरथला में ब्यास नदी का जलस्तर 2.35 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जिसके चलते निचले इलाकों में रहने वालों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर: भूस्खलन और बादल फटने से तबाही
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के बदर गांव में शनिवार सुबह हुए भूस्खलन में 7 लोगों की मौत हो गई। रामबन के राजगढ़ में बादल फटने से 4 लोगों की जान चली गई और एक महिला लापता है।
बचाव कार्यों में सेना, पुलिस, CRPF और अन्य टीमें जुटी हैं। कटरा में वैष्णो देवी यात्रा पिछले 6 दिनों से बंद है। भारी बारिश के कारण कठुआ-माधोपुर रेल खंड पर तकनीकी खराबी आई, जिसके चलते 10 ट्रेनें रद्द कर दी गईं।
हिमाचल प्रदेश: मणिमहेश यात्रा रुकी
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के कारण मणिमहेश यात्रा को रोक दिया गया है। इस दौरान 10 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है, 4 लोग लापता हैं और 7 घायल हैं। मंडी के जंजैहली में ग्रामीणों ने नाले पर लकड़ी का पुल बनाकर रास्ता जोड़ा है, जो बारिश के बीच एकमात्र सहारा बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश: बाढ़ और कटाव का खतरा
उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। बलिया में गंगा नदी के कटाव से 24 घंटों में 24 मकान नदी में बह गए। फिरोजाबाद में शनिवार रात हुई तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया, लेकिन तापमान 35 डिग्री से गिरकर 28 डिग्री पर पहुंचने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मथुरा में यमुना नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोनभद्र में रिहंद बांध के ओवरफ्लो होने से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वाराणसी में गंगा का जलस्तर 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है, लेकिन घाटों पर गंदगी की समस्या बढ़ गई है।
राजस्थान: बिजली गिरने और बाढ़ का अलर्ट
राजस्थान में सिरोही, पाली और जालोर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि 26 जिलों में यलो अलर्ट लागू है। हनुमानगढ़ में घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। सीकर में राधाकिशनपुरा अंडरपास में 7 फीट पानी भर गया, जिससे रास्ता बंद हो गया।
जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, श्रीगंगानगर जैसे जिलों में 2 से 4 इंच बारिश दर्ज की गई। डीग में बिजली गिरने से 3 मकानों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हुए। बीकानेर और भीलवाड़ा में बारिश से हुए हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी है।
छत्तीसगढ़: बस्तर में भारी नुकसान
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में भारी बारिश का अलर्ट है। बस्तर संभाग में 200 से ज्यादा मकान ढह गए और 2,196 लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया। दंतेवाड़ा में इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर से 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
बारसूर में स्टेट हाईवे 5 का पुल टूट गया, जिसके बाद ग्रामीण सीढ़ियों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। सरगुजा में नदी और डबरी में डूबने से 2 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
हरियाणा: नदियां खतरे के निशान पर
हरियाणा के 11 जिलों में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सिरसा में घग्घर, फरीदाबाद में यमुना और कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी उफान पर हैं। हिसार में बिजलीघर में पानी घुसने से बिजली काटनी पड़ी।
प्रशासन ने सभी छुट्टियां रद्द कर दी हैं और पंपिंग मशीनों को चालू रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने 1 सितंबर तक बारिश की संभावना जताई है।
बिहार: गंगा का जलस्तर बढ़ा
बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे मुंगेर और बेगूसराय में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मुंगेर के धरहरा प्रखंड में गंगा का पानी कई गांवों में घुस गया। बेगूसराय में सड़क संपर्क टूट गया है। कटाव से कई घर नदी में बह गए और लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश: नदियां उफान पर
मध्य प्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। नर्मदापुरम में तवा डैम के 3 गेट खोले गए हैं।
रायसेन में राहतगढ़ वाटरफॉल 80 फीट की ऊंचाई से बह रहा है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण बन गया है। इंदौर में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई, जबकि खरगोन और गुना भी बारिश से प्रभावित हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ बीकानेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लोगों से सतर्क रहने और निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।