रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को प्रश्नकाल में एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की कथित कमी का मुद्दा उठते ही सदन में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बावजूद कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कमी नहीं होगी, लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहे और कीमतें भी बढ़ रही हैं।
महंत ने कहा कि प्रदेश में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, ऐसे में लोगों को सिलेंडर नहीं मिलने से भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर होटल बंद होने की स्थिति आ रही है तो क्या यह भी केंद्र का ही विषय है?
इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि एलपीजी सिलेंडर का मुद्दा इस सदन के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर महंत ने कहा कि प्रदेश के एलपीजी उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और लोग परेशान हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, इसलिए यह मुद्दा शून्यकाल में उठाया गया है।
बघेल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। कई राज्यों और केंद्र सरकार ने भी लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है, लेकिन प्रदेश में होटल बंद होने की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोलियम उत्पादों की कमी की भी आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों का कितना स्टॉक है और कालाबाजारी तथा जमाखोरी रोकने के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं। बघेल ने जनहित में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर इस पर चर्चा कराने की मांग की।
हालांकि सभापति ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया कि यह केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है। इसके बाद विपक्षी सदस्य वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। वेल में पहुंचने पर नियम के तहत कांग्रेस के सदस्य स्वतः निलंबित हो गए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
अपनी ही सरकार पर भाजपा विधायक का सवाल
इसी दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कार्यक्रमों के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए अपनी ही सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मौखिक और लिखित आदेशों पर आयोजित कार्यक्रमों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
इस पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यदि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो जांच कर भुगतान कराया जाएगा। इस पर कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने तंज कसते हुए कहा कि जब लता उसेंडी की ही सुनवाई नहीं हो रही है तो हमारी शिकायत कौन सुनेगा।
इससे पहले सदन में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ रही मौतों का मुद्दा भी गूंजा। अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह ने पूछा कि वर्ष 2025 में सड़क हादसों में बढ़ोतरी के कारण क्या हैं। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में 2024 में 76 लोगों की मौत हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 86 हो गई।
मंत्री केदार कश्यप ने जवाब में कहा कि सड़कों का विस्तार, वाहनों की संख्या में वृद्धि और लोगों की लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां संबंधित विभागों के साथ मिलकर समाधान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का विषय गृह और परिवहन समेत कई विभागों से जुड़ा है, इसलिए सभी विभागों को समन्वय से काम करना होगा।









