Share Market: मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण आज यानी 9 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। निवेशकों में डर का माहौल है, जिससे प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे आए हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स लगभग 2,300 अंकों (करीब 2.8%) की गिरावट के साथ 76,500 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 700 अंकों (2.8%) नीचे आकर 23,750 के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले शुक्रवार को भी बाजार में गिरावट रही थी, जहां सेंसेक्स 1,097 अंकों और निफ्टी 315 अंकों की कमी के साथ बंद हुआ था।
आज बैंकिंग, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई है। ये सेक्टर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, क्योंकि इससे कंपनियों की लागत बढ़ जाती है और मुनाफे पर असर पड़ता है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। हाल के दिनों में यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई और कुछ समय के लिए 108 डॉलर तक पहुंच गई। पिछले 4 दिनों में करीब 15% और 10 दिनों में लगभग 48% की तेजी आई है। यह तीन साल से ज्यादा समय में सबसे ऊंचा स्तर है। उच्च कच्चे तेल की कीमतों से भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिससे महंगाई पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि देश में पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
ग्लोबल बाजारों का असर
अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में गिरावट रही। डाउ जोन्स 0.95%, नैस्डैक 1.59% और S&P 500 1.33% नीचे बंद हुए थे। एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख दिखा, लेकिन कई जगहों पर तेजी या गिरावट के संकेत हैं, जो वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाते हैं
मुख्य वजह है मध्य पूर्व में सप्लाई चेन बिगड़ने का खतरा। अगर तनाव और बढ़ा तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। निवेशक ऐसे समय में सुरक्षित निवेश की तरफ जाते हैं, जिससे शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति स्थिर होने तक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।








