रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 95.80 पर पहुंचा, जानिए क्या है वजह?

Indian Rupee Record Low भारतीय रुपया बुधवार को अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक डॉलर की कीमत 95.80 रुपये तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे कम स्तर है। दिन के अंत में रुपया 95.71 पर बंद हुआ।

क्यों गिर रहा है रुपया?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। विदेशी कर्ज चुकाने और आयातकों की हेजिंग डिमांड बढ़ने से भी रुपए पर दबाव है। ऊर्जा आयात महंगा होने से देश का व्यापार घाटा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में Brent Crude की कीमत में करीब 50% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे रुपया 5% से ज्यादा कमजोर हो गया है।

इस दबाव को कम करने के लिए सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कम से कम एक साल तक सोना न खरीदें।

विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि सोने पर शुल्क बढ़ाने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की निकासी के कारण रुपए पर दबाव बना रहेगा। अगर यह 95.75 के ऊपर गया तो 96 का स्तर छू सकता है। वर्तमान में भू-राजनीतिक तनाव, महंगे तेल और डॉलर की मजबूती के कारण रुपया कमजोर बना हुआ है। यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में RBI को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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