नेशनल ब्यूरो। तेलंगाना में नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने शानदार जीत हासिल की है वहीं भाजपा, बीआरएस को प्रतिस्थापित करती नजर आ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राज्य सरकार की पीपुल्स फर्स्ट पॉलिसी को इस जीत की बड़ी वजह बताते हैं। लेकिन एक बड़ी हकीकत यह भी है कि पार्टी ने दिसंबर में संपन्न हुए ग्राम पंचायत चुनाव का टैंपो अब तक बनाए रखा था । उन चुनावों में लगभग 4250 सरपंचों में से 2600 सरपंच कांग्रेस पार्टी के चुने गए थे। उन चुनावों से ही यह स्पष्ट हो गया था कि तेलंगाना को रेवंता रेड्डी बतौर मुख्यमंत्री और कांग्रेस बतौर सत्ताधारी दल पसंद है।
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि जिस पार्टी की राज्य में सरकार होती है निकाय चुनावों में भी उसको सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यह लगभग सभी प्रदेशों में होता है। लेकिन यह भी सच है कि विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद कांग्रेस एक के बाद एक वादे पूरे कर रही है। जो सबसे बड़ा वादा रेवंता सरकार ने पूरा किया वह जातिगत जनगणना का था। नवंबर माह में हुई जातिगत जनगणना से पिछड़ों के आरक्षण को 24 से बढ़ाकर 42 फीसदी करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। इससे सरकार पर यकीनन जनता का विश्वास बढ़ा। ग्राम पंचायत का 50 फीसदी स्ट्राइक रेट बढ़कर 53 फीसदी हो गया।
इस जीत पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कोटा नीलम कहती हैं कि हमने एक के बाद एक वादे पूरे किए हैं जिससे जनता को समझ में आ गया है कि हम केवल बातें बनाने सरकार में नहीं आए हैं। भले वो मुफ्त बस यात्रा हो या फिर बिजली की सब्सिडी सभी वादे पूरे किए जा रहे हैं। यह यकीन दिलाने में बीआरएस और अन्य पार्टियां नाकाम रही हैं। एक बात यह भी सच है कि कांग्रेस ने तेलंगाना में संगठन के निर्माण में जमकर काम किया है।बीआरएस के लिए यह चुनाव वापसी का मौका था, लेकिन भ्रष्टाचार के पुराने आरोपों और संगठन स्तर पर कुछ कमियों के कारण वह कांग्रेस को पछाड़ने में असफल रही।
इन चुनावों में शहरी इलाकों में बीजेपी का प्रदर्शन बीआरएस की तुलना में ठीक रहा है दो नगरीय निकायों करीमनगर और निजामाबाद में तो उसने जबरदस्त जीत हासिल की है। कहा जा रहा है कि इन दोनों क्षेत्रों में वोटों का ध्रुवीकरण और बीआरएस का निस्तेज होना भाजपा के पक्ष में रहा। पार्टी ने कांग्रेस, बीआरएस और एआईएमआईएम के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाकर बहुसंख्यक मतदाताओं को एकजुट किया। यकीनन यह भी कहा जा सकता है कि देश के तमाम बड़े शहरों की हवा प्रवासियों के साथ इन दोनों नगर निकायों में भी पहुंची।









