CJP के दीपके, सौरव और आशुतोष रिहा, सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली की पाबंदियों पर सुनवाई, प्रदर्शन से जुड़े मामलों में 20 FIR दर्ज

लेंस डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिहा कर दिया। तीनों को करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद दिल्ली कैंट की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर छोड़ दिया। तीनों ने 50-50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा।

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को प्रदर्शन से पहले इन्हें एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया था। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही थी। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन से जुड़े मामलों में 20 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी काम में दखल देने के आरोप लगाए गए हैं। शनिवार को करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

वहीं सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और पाबंदियों के खिलाफ दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। एक याचिका में वकीलों और नागरिकों के साथ कथित मारपीट और एहतियातन हिरासत को चुनौती दी गई है। दूसरी में अदालत के पहले आदेश का पालन न करने का आरोप है। सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में इंटरनेट बंद करने और कई जगह पाबंदियां लगाने का जिक्र किया। वकीलों की ओर से कहा गया कि यह सिर्फ वकीलों का नहीं, बल्कि हर नागरिक के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का मामला है।

CJP नेताओं की रिहाई के बाद पार्टी दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। अगर तीनों एक साल के अंदर शांति भंग करते हैं तो उनकी जमानत राशि जब्त हो सकती है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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