रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में धान खरीदी के दौरान हेराफेरी और अवैध परिवहन रोकने के लिए राज्य सरकार डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। इस बार हर बोरी पर QR कोड लगाने और धान परिवहन करने वाले वाहनों की GPS से निगरानी करने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने करीब 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है।
हर बोरी की होगी डिजिटल ट्रैकिंग
नई व्यवस्था के तहत धान की प्रत्येक बोरी पर यूनिक QR कोड लगाया जाएगा। इससे धान की खरीदी, भंडारण और मिल तक पहुंचने की जानकारी मिल सकेगी। परिवहन में लगे वाहनों की GPS ट्रैकिंग होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। रास्ता बदलने या तय स्थान पर नहीं पहुंचने जैसी गतिविधियों पर अलर्ट मिलेगा।
राइस मिलों के लिए भी सख्त नियम
राइस मिलों को उनकी निर्धारित क्षमता का अधिकतम 75 प्रतिशत धान आवंटित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 रुपये प्रति क्विंटल की पेनल्टी का प्रावधान बताया गया है। मिलों को 25 कार्य दिवसों के भीतर निर्धारित स्टेक का काम पूरा करना होगा।
तुहर टोकन ऐप से बुकिंग कर सकेंगे किसान
किसान ‘तुहर टोकन’ ऐप के जरिए घर बैठे धान बिक्री के लिए टोकन बुक कर सकेंगे। वहीं, ‘सतर्क’ मोबाइल ऐप से खरीदी प्रक्रिया की निगरानी और गड़बड़ियों की रिपोर्टिंग की जाएगी। सरकार की योजना के अनुसार, प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।
धान की साइकिलिंग रोकने पर जोर
पिछले वर्षों में दूसरे राज्यों से धान लाकर बेचने, फर्जी गेट पास और पुराने धान को दोबारा खपाने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। सरकार का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने और किसानों को समर्थन मूल्य पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।







