रायपुर। बच्चों में तेजी से बढ़ रहे गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases- NCDs) की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दुर्ग में दो दिवसीय ‘राज्य स्तरीय मीडिया बूट कैंप’ के छठे संस्करण का सफल आयोजन किया गया। मीडिया कलेक्टिव फॉर चाइल्ड राइट्स (MCCR) ट्रस्ट और यूनिसेफ (UNICEF) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला 9 और 10 अक्टूबर 2026 को दुर्ग में संपन्न हुई।
इस बूट कैंप का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अनुभवी पत्रकारों को बच्चों के स्वास्थ्य संकट से जोड़ना, उन्हें प्रामाणिक आंकड़ों से अवगत कराना और तथ्यपरक एवं डेटा आधारित पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना था।

सिकल सेल, बाल मधुमेह और हृदय विकारों पर गहन मंथन
दो दिवसीय बूट कैंप के दौरान बच्चों में होने वाले प्रमुख गैर-संचारी रोगों, विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया, टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) और जन्मजात हृदय विकारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने इन बीमारियों से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, समय पर जांच व सही उपचार की आवश्यकता तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही, इन गंभीर बीमारियों से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और मिथकों को दूर करने के लिए सटीक जानकारी के प्रसार पर विशेष बल दिया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम में यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह और दिल्ली से आईं स्वतंत्र संचार अधिकारी सुरभि शुक्ला ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने पत्रकारों को विश्वसनीय आंकड़ों, शोध आधारित जानकारियों और संवेदनशीलता के साथ रिपोर्टिंग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन MCCR ट्रस्ट के डॉ. डी. श्याम कुमार ने किया।

राज्यभर के 40 से अधिक वरिष्ठ पत्रकारों की सहभागिता
इस बूट कैंप में राज्य स्तर के लगभग 40 वरिष्ठ व प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ दुर्ग संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जैसे दूरस्थ जिलों के पत्रकार भी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर गहन समझ विकसित की और अपने-अपने समाचार पत्रों, टीवी चैनलों व डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज में जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यूनिसेफ और एमसीसीआर ट्रस्ट की यह संयुक्त पहल जिम्मेदार और डेटा-संचालित मीडिया कवरेज की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई है।











