लेंस डेस्क। गिरते रुपये और शेयर बाजार में छाए संकट के बीच, केंद्र सरकार ने विदेश पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर लगने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) को समाप्त कर दिया है। यह कदम आज एक अध्यादेश के जरिए उठाया गया।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक स्थानीय बाजार से 2.6 लाख करोड़ रुपये की भारी भरकम निकासी कर ली है। यह 2025 में पूरे साल के दौरान की गई 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी से अधिक है।
इस फैसले के तुरंत बाद शुक्रवार को भारतीय रुपया में तेजी से उछाल आया है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई और तेल संकट के बीच रुपया रुपया कच्चे तेल के बढ़ती कीमतों और इक्विटी बाजार से पूंजी निकासी के कारण रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया था। सरकार की घोषणा के बाद रुपया दिन के उच्चतम स्तर 95.245 प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछला क्लोजिंग 95.74 था। इस तरह इसमें 50 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सरकार ने विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए खत्म किया कैपिटल गैन टैक्स
🗓️ Published: June 5, 2026 1:50 pm | 🔄 Updated: June 5, 2026 3:36 pm








