बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर शनिवार को विराम लग गया। सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने के बाद उनकी कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री DK Shivakumar को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही वे कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री बनेंगे। बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राजभवन की ओर से उन्हें 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया।
मुख्यमंत्री पद से हाल ही में इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने स्वयं डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने समर्थन किया। इसके बाद सभी विधायकों ने एकमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि डीके शिवकुमार 3 जून की शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बैठक में कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बदलने के साथ ही राज्य मंत्रिमंडल में भी बड़ा फेरबदल किया जाएगा। मौजूदा कैबिनेट से करीब 10 मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। चर्चा है कि सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे भी मंत्रिमंडल से बाहर हो सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने के लिए राज्य में चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की भी तैयारी है।
डीके शिवकुमार को कांग्रेस के कथित ‘रोटेशनल सीएम फॉर्मूला’ के तहत मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को मुख्यमंत्री पद संभाला था और 28 मई 2026 तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल के पूरा होने के बाद अब सत्ता की कमान शिवकुमार के हाथों में सौंपी जा रही है।
विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस हाईकमान को नए नेता के चयन का अधिकार दिया था। इसके बाद सिद्धारमैया ने शिवकुमार का नाम आगे बढ़ाया। बैठक के दौरान सिद्धारमैया, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला ने अलग कमरे में चर्चा भी की, जिसके बाद दोबारा बैठक शुरू हुई और शिवकुमार के नाम पर अंतिम सहमति बनी।
बैठक के बाद डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कांग्रेस की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने राज्यपाल से भी मुलाकात की।
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के इस फैसले को कांग्रेस संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर 3 जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और नए मंत्रिमंडल के गठन पर टिकी हुई है।
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