भारत की दूसरी सबसे बड़ी रिफायनरी 35 दिनों के लिए होगी बंद

नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी, अप्रैल की शुरुआत से लगभग 35 दिनों के लिए अपने संचालन को रोकने की योजना बना रही है। इससे देश की रिफाइनिंग क्षमता करीब 8 फीसदी कम हो सकती है। यह बंदी अमेरिका-ईरान युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के समय हो रही है, जिससे तेल और गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

नायरा एनर्जी के उत्पादन का अधिकांश हिस्सा घरेलू बाजार में बेचा जाता है। पिछले साल की पाबंदियों के बाद निर्यात सीमित हो गया है। कंपनी राज्य संचालित रिफाइनरियों को भी सप्लाई करती है, जो अपनी उत्पादन से ज्यादा बेचती हैं। बाकी उत्पादन अपनी लगभग 7,000 पेट्रोल पंपों के नेटवर्क के माध्यम से बेचा जाता है। महत्वपूर्ण है कि नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। यह बढ़ोतरी वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के कारण की गई है। कंपनी इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल रही है।

कंपनी ने पिछले साल यूरोपीय संघ की पाबंदियों के बाद गुजरात के वडिनार स्थित अपने 20 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाले रिफाइनरी के रखरखाव कार्य को टाल दिया था।भारतीय तेल निगम (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने पिछले हफ्ते प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में ₹2 प्रति लीटर और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए बल्क डीजल में करीब ₹22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी नहीं बदली हैं।

वैश्विक तेल कीमतें गुरुवार को बढ़ीं और मनोवैज्ञानिक स्तर $100 प्रति बैरल को फिर से छू लिया। ब्रेंट क्रूड $1.13 (1.1%) बढ़कर $103.35 प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI $1.08 (1.2%) बढ़कर $91.40 प्रति बैरल पहुंच गया।

भारत के स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में फिलहाल करीब 3.37 मिलियन टन क्रूड ऑयल है, जो कुल क्षमता (5.33 मिलियन टन) का लगभग 64% है। यह रिजर्व देश को करीब 9.5 दिनों तक की आपूर्ति बनाए रख सकता है।

यह बंदी घरेलू ईंधन उपलब्धता को और कड़ा कर सकती है, खासकर जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और हार्मुज की खाड़ी बंद होने की आशंका भी बनी हुई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now