लेंस डेस्क। thailand pm paetongtarn shinawatra: थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने शुक्रवार को निलंबित प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा को उनके पद से हटा दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि पैतोंगतार्न ने कोई अनुचित कार्य नहीं किया और उन्होंने ईमानदारी दिखाई, लेकिन कंबोडिया के राष्ट्रपति हुन मानेट के पिता हुन सेन के साथ हुई एक फोन बातचीत, जो लीक हो गई थी, उसमें उन्होंने नैतिक नियमों का उल्लंघन किया।
इस बातचीत में दोनों ने एक सीमा विवाद पर चर्चा की थी, जिसके कुछ समय बाद थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सैन्य टकराव शुरू हो गया। इस फैसले से थाईलैंड में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पैतोंगतार्न, जो थाईलैंड की 31वीं प्रधानमंत्री थीं, उन्होंने अभी अपने कार्यकाल का एक साल भी पूरा नहीं किया था।
38 वर्षीय पैतोंगतार्न, जो विवादास्पद अरबपति और पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा की बेटी हैं, उनको जुलाई में 36 सीनेटरों की शिकायत के बाद निलंबित कर दिया गया था। शिकायत में उन पर नैतिकता का पालन न करने, बेईमानी और देश के हितों की अनदेखी का आरोप था।
उन पर यह भी इल्ज़ाम लगा कि उन्होंने फोन पर हुन सेन को ‘चाचा’ कहकर संबोधित किया। दरअसल, पैतोंगतार्न के पिता थाकसिन और हुन सेन के बीच पुराने मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जिसके चलते पैतोंगतार्न ने हुन सेन को इस तरह संबोधित किया।
लेकिन हुन सेन ने इस बातचीत को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया, जिसके बाद थाईलैंड में विवाद खड़ा हो गया। बातचीत में पैतोंगतार्न ने कंबोडिया के सैन्य कमांडर को ‘प्रतिद्वंदी’ कहा था, जिसे विपक्षी दलों ने मुद्दा बनाकर दावा किया कि इससे थाई सेना का अपमान हुआ।
इस विवाद के बाद पैतोंगतार्न को समर्थन देने वाली प्रमुख गठबंधन पार्टी ने सरकार से किनारा कर लिया। इसके बाद जुलाई में सीमा पर तनाव बढ़ा और हिंसक सैन्य झड़पें हुईं, जिनमें 40 से अधिक लोग मारे गए और लगभग तीन लाख लोग बेघर हो गए।
अदालत में पैतोंगतार्न ने दावा किया कि उन्होंने हमेशा थाईलैंड के हितों को प्राथमिकता दी, लेकिन इस फैसले ने उनके राजनीतिक करियर को गहरा झटका दिया है। वह हाल के वर्षों में हटाई गई दूसरी प्रधानमंत्री और पिछले 17 वर्षों में अदालत द्वारा बर्खास्त की गई पांचवीं प्रधानमंत्री बन गई हैं।
अदालत के इस निर्णय के बाद उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचयचै को कार्यवाहक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वह मौजूदा मंत्रिमंडल के साथ मिलकर प्रशासनिक कार्यों को संभालेंगे, जब तक कि संसद नया प्रधानमंत्री नहीं चुन लेती। संसद अध्यक्ष जल्द ही नए प्रधानमंत्री के चुनाव की तारीख तय करेंगे।
यह भी देखें : तलवार भांजते भारतीय मूल के सिख युवक को अमेरिका में पुलिस ने मारी गोली