[
The Lens
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Latest News
95 साल बाद बस्तर में भीषण बाढ़, हजार करोड़ से ज्यादा नुकसान का अनुमान
मॉरिटानिया के तट पर समुद्र में पलटी नाव, गांबिया के 69 प्रवासियों की मौत
रायपुर का बेटा बना सर्वोच्च अदालत में जज
थाईलैंड की पीएम पैतोंगतार्न शिनावात्रा निलंबित, फोन बातचीत लीक बनी वजह, कोर्ट ने सुनाया फैसला
पाक के ड्रग्स की छत्तीसगढ़ में सप्लाई, मां-बेटा चला रहे थे सिंडिकेट, पुलिस ने दोनों को पकड़ा, 2 ड्रग कार्टल ध्वस्त करने का दावा
बंगाली भाषियों को बांग्लादेशी बताकर कार्रवाई करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब
रिटायर्ड IAS रीता शांडिल्य बनी छत्तीसगढ़ PSC की चेयरमैन
तलवार भांजते भारतीय मूल के सिख युवक को अमेरिका में पुलिस ने मारी गोली
Rupee Crash: GDP बढ़ने पर सरकार ने थपथपाई पीठ, लेकिन रुपया औंधे मुंह गिरा, पहली बार 88 पार
GDP में 7.8 फीसदी का इजाफा, राजकोषीय घाटा बढ़कर 29.9%
Font ResizerAa
The LensThe Lens
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
  • वीडियो
Search
  • होम
  • लेंस रिपोर्ट
  • देश
  • दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • बिहार
  • आंदोलन की खबर
  • सरोकार
  • लेंस संपादकीय
    • Hindi
    • English
  • वीडियो
  • More
    • खेल
    • अन्‍य राज्‍य
    • धर्म
    • अर्थ
    • Podcast
Follow US
© 2025 Rushvi Media LLP. All Rights Reserved.
देश

पीएम मोदी और RSS से जुड़ा कार्टून हटाने पर हेमंत मालवीय सहमत, सुप्रीम कोर्ट ने बताया असम्मानजनक

अरुण पांडेय
Last updated: July 14, 2025 7:27 pm
अरुण पांडेय
Share
HEMANT MALVIYA
SHARE

नई दिल्ली। पीएम मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक विवादित कार्टून मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को फटकार लगाई। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कार्टून को “भड़काऊ” और “अपरिपक्व” करार दिया। मालवीय ने इस कार्टून को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस ने मई में मामला दर्ज किया था।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा 3 जुलाई को उनकी अग्रिम जमानत खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। कोर्ट ने मालवीय के व्यवहार पर असंतोष जताते हुए पूछा कि क्या वह अपनी पोस्ट हटाने को तैयार हैं।

मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने सहमति जताई और कहा कि पोस्ट हटा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मालवीय 50 वर्ष के हैं और उनकी टिप्पणियां भले ही कुछ लोगों को अप्रिय लगें, लेकिन वे अपराध की श्रेणी में नहीं आतीं। ग्रोवर ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अंतरिम राहत की मांग की। हालांकि, जस्टिस धूलिया ने कहा, “इतनी उम्र होने के बावजूद कोई परिपक्वता नहीं। यह निश्चित रूप से भड़काऊ है।” कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार के लिए निर्धारित की है।

मालवीय के कार्टून में एक व्यक्ति को आरएसएस की वर्दी में झुके हुए दिखाया गया था, जिसमें उनके शॉर्ट्स नीचे खींचे गए थे और प्रधानमंत्री का कार्टून स्टेथोस्कोप के साथ इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया था। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इसे “अपमानजनक”, “जानबूझकर किया गया” और “दुर्भावनापूर्ण” बताया था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मालवीय ने भगवान शिव के नाम को अनावश्यक रूप से घसीटते हुए एक अपमानजनक टिप्पणी का समर्थन किया, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) में दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग है।

कार्टून में क्‍या था, जिस पर हुआ विवाद

कार्टूनिस्ट मालवीय के खिलाफ आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 299 (धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान), 302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से कार्य), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 353 (उपद्रव) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67ए के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

मालवीय ने अपनी याचिका में दावा किया कि यह कार्टून कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान बनाया गया था, जब सोशल मीडिया पर वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता को लेकर भ्रामक जानकारी और डर फैल रहा था। उनका कहना है कि यह कार्टून एक व्यंग्यात्मक रचना थी, जो एक सार्वजनिक हस्ती के वैक्सीन से संबंधित बयानों पर सामाजिक टिप्पणी करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने 1 मई को इस कार्टून को अपनी टिप्पणी के साथ पोस्ट किया था, जिसमें जाति जनगणना को लेकर एक बयान दिया गया था। मालवीय ने इसे केवल इसलिए साझा किया ताकि लोग उनके कार्टून को अपनी राय के साथ उपयोग कर सकें।

मालवीय का कहना है कि उनके कार्टून जनता के लिए हैं और लोग इन्हें अपनी राय के साथ उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने किसी भी मुद्दे पर अपनी टिप्पणी नहीं दी, बल्कि दूसरों की टिप्पणी को स्वीकार किया।

TAGGED:anticipatory bail plea​​cartoonist Hemant MalviyaPM Modisupreme courtTop_News
Previous Article Sukma Student Protest सुकमा में प्री मेट्रिक छात्रावासों में सीट बढ़ोतरी को लेकर विद्यार्थियों का धरना, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
Next Article Omar Abdullah viral video ‘…वे किस कानून के तहत फातिहा पढ़ने से रोक रहे थे’, सीएम उमर ने क्‍यों फांदी दीवार?  

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow

Popular Posts

बड़ी खबर : कोई धर्मांतरण नहीं, अपनी मर्जी से आगरा जा रही थी आदिवासी युवती, धमकी देकर ननों के खिलाफ दिलाया बयान

रायपुर। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर हम बता रहे हैं, जो जुड़ी है छत्तीसगढ़…

By दानिश अनवर

टेस्ट क्रिकेट में एक युग का अंत

भारतीय क्रिकेट के इतिहास का यह एक विरल क्षण है, जब दो दिग्गजों ने पखवाड़े…

By Editorial Board

Milking a pandemic

The Delhi High Court has quashed charges against 70 members of the Tablighi Jamat charged…

By Editorial Board

You Might Also Like

Lalita Ramdas' letter to Himanshi Narwal
देश

पूर्व एडमिरल की पत्‍नी ने हिमांशी से कहा, “परफेक्ट …!”

By Lens News Network
Uttarakhand Panchayat elections
अन्‍य राज्‍य

उत्तराखंड पंचायत चुनाव में भाजपा पस्त, कांग्रेस और निर्दलियों ने पलटी बाजी

By आवेश तिवारी
Land for job scam
देश

लैंड फॉर जॉब घोटाला : सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को झटका, जारी रहेगा ट्रायल  

By अरुण पांडेय
test Cricket
खेल

रोहित शर्मा ने रेड बॉल क्रिकेट को कहा अलविदा, अब केवल वन-डे खेलेंगे

By The Lens Desk
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?