CBI को रावतपुरा सरकार समेत 29 आरोपियों की तलाश, मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में कोर्ट ने 6 आरोपियों को भेजा जेल

Rawatpura Medical Collage

रायपुर।  रावतपुरा मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने के एवज में घूसखोरी के मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद गिरफ्तार 6 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं CBI रविशंकर महाराज उर्फ रावतपुरा सरकार समेत 29 आरोपियों की तलाश कर रही है। Medical College case

गौरतलब हो कि  सीबीआई ने इस मामले में 3 डॉक्टर समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने इस मामले में 35 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

बता दें कि बीते दिनों सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) ने देश में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने के मामले में बड़े घोटाले का पर्दाफास किया है। इस मामले में CBI ने कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में 40 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा था। सीबीआई की इस कार्रवाई में सबसे बड़ी बात यह है कि रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, रायपुर के चेयरमैन रविशंकर जी महाराज उर्फ रावतपुरा सरकार के खिलाफ भी FIR की गई है। चेयरमैन के अलावा रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी का नाम भी एफआईआर में है।

इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के रावतपुरा मेडिकल कॉलेज सहित जांच में शामिल सभी कॉलेज को इस वर्ष जीरो ईयर घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष कोई फर्स्ट ईयर एडमिशन नहीं होगा। मान्यता के लिए रिश्वत के खुलासे के बाद प्रबंधन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की संभावना है।

गिरफ्तार आरोपियों पर आरोप है कि इंस्पेक्शन टीम की प्रमुख डॉ. मंजप्पा सीएन ने अतुल कुमार तिवारी के साथ मिलकर कॉलेज के फेवर में रिपोर्ट बनाने 55 लाख की डील की और पैसे 3 लोगों में बंटे। निरीक्षण दल की सदस्य डॉ. चैत्रा एमएस ने डॉ. मंजप्पा सीएन के साथ रिश्वतकांड में बराबर की हिस्सेदारी और कॉलेज के पक्ष में रिपोर्ट बनाने और पैसे लेने पर सहमति जताई। निरीक्षण दल के सदस्य डॉ. अशोक शेलके ने डॉ. मंजप्पा सीएन के साथ रिश्वतकांड में बराबर की हिस्सेदारी और कॉलेज के पक्ष में रिपोर्ट बनाने में सहमति।

रावतपुरा मेडिकल कॉलेज रायपुर के निदेशक अतुल कुमार तिवारी ने संस्थान के पक्ष में रिपोर्ट बनाने डॉ. मंजप्पा सीएन को 55 लाख की रिश्वत ऑफर की। पैसों को हवाला से देने की जानकारी दी। डॉ. मंजप्पा सीएन के सहयोगी सथीश ए ने हवाला कनेक्शन से पैसा लेने वाला। हवाला ऑपरेटर से 55 लाख रुपए इकट्ठा किया। इसके बाद बताए ठिकानों तक पहुंचाया। डॉ. चैत्रा का पति रविचंद्र के ने सथीश से 16.62 लाख रुपए लिए। इसे CBI की टीम ने रविचंद्र को रंगेहाथों पकड़ा है।

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