नई दिल्ली | (Sonam Wangchuk) का जंतर-मंतर पर जारी आमरण अनशन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। वह पेपर लीक मामलों के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर हैं । लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही है।
बताया जा रहा है कि अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन लगभग 8 से 8.5 किलोग्राम तक कम हो चुका है। उन्हें लगातार कमजोरी, शरीर में दर्द और चक्कर आने की शिकायत है। चिकित्सकीय निगरानी में उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल भी सामान्य से नीचे बताया जा रहा है। जंतर-मंतर से आ रही तस्वीरों और वीडियो में वह बेहद कमजोर लग रहे हैं |
वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने चिंता जताई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। वहीं अभिनेत्री जीनत अमान, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और फिल्म 3 इडियट्स के अभिनेता ओमी वैद्य ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की है।
हालांकि, सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने की अपीलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोगों को सरकार से यह पूछना चाहिए कि वह इस मुद्दे पर बातचीत और समाधान की दिशा में पहल क्यों नहीं कर रही है। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
इस बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी है और आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों पर सरकार के साथ संवाद की मांग कर रहे हैं। वांगचुक की सेहत को देखते हुए अब इस आंदोलन पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं। सरकार की ओर से इस विषय पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।










