गिग वर्कर को बड़ी राहत, 10 मिनट में डिलीवरी का नियम खत्‍म, सांसद राघव चड्ढा ने कहा- सत्यमेव जयते

January 13, 2026 5:28 PM
10-minute delivery rule abolished

लेंस डेस्‍क। केंद्र सरकार ने एप आधारित कंपनियों को 10 मिनट में डिलीवरी का सख्त वादा खत्म करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मुद्दे पर सक्रिय हस्तक्षेप किया, जिसके बाद ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो जैसी प्रमुख कंपनियों ने इस समय-सीमा को अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग से हटाने पर सहमति जताई।

इस फैसले का मुख्य मकसद डिलीवरी करने वाले लाखों गिग वर्कर्स की सुरक्षा और काम की परिस्थितियों को सुधारना है। पहले 10 मिनट का टारगेट होने से इन कर्मचारियों पर बहुत ज्यादा मानसिक और शारीरिक बोझ पड़ता था, खासकर खराब मौसम या ट्रैफिक में। कई बार यह दबाव उन्हें ट्रैफिक नियम तोड़ने या जोखिम भरी ड्राइविंग के लिए मजबूर कर देता था।

इस बदलाव का असर अब दिखने लगा है। ब्लिंकिट ने अपनी पुरानी टैगलाइन “10 मिनट में 10,000+ उत्पाद” को बदलकर अब “30,000+ उत्पाद आपके दरवाजे पर” कर दिया है, जिसमें समय का कोई बंधन नहीं है।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स के लिए उचित मजदूरी, सम्मान और सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ऐप-आधारित डिलीवरी कंपनियों को सामाजिक सुरक्षा के लाभ देने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राघव चड्ढा ने खुद कई डिलीवरी पार्टनर्स से बात की और यहां तक कि कुछ समय के लिए डिलीवरी का काम करके उनकी मुश्किलों को समझा।

इस फैसले पर राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई और लिखा, “सत्यमेव जयते। हम सब मिलकर जीत गए हैं।” उन्होंने इसे डिलीवरी वर्कर्स की गरिमा और सुरक्षा की बड़ी जीत बताया।

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