लेंस डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव (US-Iran tensions) एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कोई ‘गलती’ की तो उस पर फिर से सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है, जबकि ईरान दबाव में है और समझौते की ओर बढ़ रहा है।
वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसिन रजाई ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टकराव बढ़ा तो होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी सेना की कब्रगाह बना दिया जाएगा।
रजाई ने अमेरिका को “समुद्री लुटेरा” बताते हुए कहा कि वह दुनिया का इकलौता देश है जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर हैं।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, पिछले महीने इस्फहान में एक अमेरिकी F-15E फाइटर जेट को गिराने का दावा किया गया था, जिसकी तस्वीरें भी जारी की गई थीं। ईरान इसे अपनी सैन्य ताकत का उदाहरण बता रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को 14-पॉइंट प्रस्ताव भेजा है, जिसमें कई बड़े मुद्दे शामिल हैं। ईरान के प्रस्ताव के तहत 30 दिनों में सभी विवादों का समाधान, प्रतिबंध हटाने की मांग, फ्रीज ईरानी एसेट्स रिलीज करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और होर्मुज स्ट्रेट पर नया मैकेनिज्म शामिल है।
इस प्रस्ताव को पाकिस्तान की मध्यस्थता में आगे बढ़ाया गया है। शहबाज शरीफ से ईरानी विदेश मंत्री की मुलाकात के बाद यह पहल सामने आई।
अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी अब सीधे युद्ध जैसी भाषा तक पहुंच चुकी है। एक तरफ ट्रम्प की चेतावनी, तो दूसरी तरफ ईरान की तीखी धमकी ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बढ़ा दिया है।
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