लेंस डेस्क। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारेक रहमान ने 17 साल बाद बांग्लादेश की धरती पर कदम रख दिया। उनकी यह वापसी फरवरी में होने आम चुनाव से पहले हुई, इसलिए इसके राजनीतिक मायने बढ़ गए हैं। तारेक रहमान के स्वागत के लिए गुरुवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। तारेक ब्रिटेन में 17 साल से ज्यादा के स्व-निर्वासन के बाद ढाका पहुंचे।

डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, तारेक रहमान पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान के अलावा दो करीबी सहयोगी अब्दुर रहमान सुनी और कमाल उद्दीन के साथ ढाका पहुंचे हैं।
एयरपोर्ट पर उतरते ही बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। वहां से वे विशेष रूप से उनके लिए आयात की गई दो बुलेटप्रूफ गाड़ियों में से एक में सवार होकर पूर्वाचल के 300 फीट इलाके में आयोजित स्वागत समारोह की ओर रवाना हुए।
रहमान क्यों हैं महत्वपूर्ण

बांग्लादेश फिलहाल एक संक्रमण काल से गुजर रहा है, जहां हसीना की 15 साल की सत्ता समाप्त होने के बाद अंतरिम सरकार कानून-व्यवस्था बहाल करने और निष्पक्ष चुनाव कराने की चुनौती का सामना कर रही है। फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में बीएनपी को मजबूत स्थिति में देखा जा रहा है और रहमान को प्रधानमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, बीएनपी संसद में सबसे अधिक सीटें जीत सकती है, जबकि हसीना की अवामी लीग को चुनाव से बाहर कर दिया गया है, जिससे वह अशांति की चेतावनी दे रही है।
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। अंतरिम सरकार पर प्रेस फ्रीडम, अल्पसंख्यक अधिकारों और इस्लामिस्ट प्रभाव बढ़ने की आलोचना हो रही है। रहमान ने अपनी योजनाओं में ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ की नीति पर जोर दिया है, जिसमें राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए विदेश नीति में संतुलन, भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए संस्थागत सुधार, ई-गवर्नेंस और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ाने के लिए चाइल्डकेयर सुविधाएं शामिल हैं। वे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर भी फोकस कर रहे हैं।










