सिडनी के बोंडी बीच पर मास शूटिंग, हनुक्का उत्सव के दौरान हमला, 10 की मौत, दो संदिग्ध हिरासत में

December 14, 2025 3:57 PM

Sydney Mass Shooting: ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर रविवार शाम एक भयानक गोलीबारी हुई, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई। इनमें एक हमलावर भी शामिल है, जिसे पुलिस ने मार गिराया। दूसरा संदिग्ध हिरासत में है। यह हमला यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन ‘चानुका बाय द सी’ उत्सव के दौरान हुआ, जहां सैकड़ों लोग, खासकर परिवार और बच्चे जमा थे।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में काले कपड़े पहने दो युवक पुल से राइफल से फायरिंग करते दिखे। करीब 50 गोलियों की आवाजें सुनकर लोग रेत पर भागने लगे, अफरा-तफरी मच गई। एक बहादुर आम नागरिक ने कारों के पीछे छिपकर हमलावर के पास पहुंचा और उसकी राइफल छीनकर उसे काबू में कर लिया, जिससे कई जानें बचीं।

पुलिस ने तुरंत इलाका घेर लिया और बड़ा बचाव अभियान चलाया। एम्बुलेंस ने 16 से ज्यादा घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। घायलों में बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं – एक बच्चे के हाथ में, एक महिला के पैर में और एक शख्स के सिर में गोली लगी। कई का मौके पर इलाज हुआ।

यह ऑस्ट्रेलिया में पिछले 30 साल की सबसे बड़ी मास शूटिंग है। इससे पहले 1996 में पोर्ट आर्थर में 35 लोगों की हत्या हुई थी, जिसके बाद सख्त गन कानून बने। इस घटना के बाद मेलबर्न का हनुक्का फेस्टिवल रद्द कर दिया गया। यहूदी समुदाय के संगठनों ने लोगों से घरों में रहने और कार्यक्रम बंद करने की अपील की।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसे ‘दुखद और परेशान करने वाला’ बताया और प्रभावित लोगों के लिए संवेदना जताई। पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की है और कहा कि गलत जानकारी न फैलाएं । पुलिस जांच कर रही है कि यह टारगेटेड हमला था या नहीं। फिलहाल इलाके से दूर रहने और अफवाहें न फैलाने की सलाह दी गई है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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