कथावाचकों से बदसलूकी पर बवाल, दो हजार प्रदर्शनकारियों ने घेरा थाना, अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल  

June 26, 2025 7:42 PM
Ruckus in Etawah

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इटावा में कथावाचकों के साथ मारपीट और चोटी काटने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने घटना का जिक्र करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर यह बात विश्व स्तर पर जैसे ट्रंप तक पहुंच जाए, तो इसका असर समझा जा सकता है।

 वहीं दूसरी तरफ इटावा में करीब 2,000 लोगों, जिनमें अहीर रेजिमेंट और यादव संगठन के सदस्य शामिल थे, ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कथावाचक पर दर्ज मुकदमे और नेता गगन यादव की नजरबंदी के खिलाफ नारेबाजी की।

अखिलेश ने योगी सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा, “मैं संविधान का सम्मान करता हूं। सरकार दावा करती है कि वह सुबह जल्दी उठती है, लेकिन इटावा में रातभर कथावाचकों का अपमान होता रहा।” उन्होंने महोबा की एक अन्य घटना का भी जिक्र किया, जहां एक दलित परिवार को कथित तौर पर अपमानित किया गया था। अखिलेश ने पूछा कि अगर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो भारत को विश्व गुरु कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस मामले को देख रही है और भारत की छवि पर सवाल उठ रहे हैं।

इटावा में बड़ा प्रदर्शन पुलिस ने की हवाई फायरिंग

कथावाचकों के साथ मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को इटावा में बड़ा प्रदर्शन हुआ। इससे पहले इंडियन रिफॉर्म्स ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गगन यादव ने सैकड़ों समर्थकों के साथ इटावा पहुंचने की घोषणा की थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के विरोध में यादव समाज के लोग कई जिलों से इटावा पहुंचे। पुलिस ने 2,000 प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद भीड़ आगरा-कानपुर हाईवे पर दादरपुर गांव के पास एकत्र हो गई, जहां 22 जून को ब्राह्मणों द्वारा कथावाचक और उनके दो साथियों की पिटाई हुई थी।

पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान तनाव बढ़ गया और कुछ लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने 12 थानों की फोर्स बुलाई। एक इंस्पेक्टर ने पिस्तौल निकालकर भीड़ को तितर-बितर किया। बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग भी हुई। इस दौरान 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आसपास के चार गांवों में आरोपियों की तलाश में तलाशी अभियान शुरू किया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के दादरपुर गांव की है। 21 जून को गांव में एक भागवत कथा का आयोजन हुआ था, जिसमें कथावाचक मुकुट मणि और आचार्य संत सिंह कथा सुना रहे थे। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने कथावाचकों की जाति को लेकर आपत्ति जताई।

आरोप है कि कथावाचकों ने खुद को ब्राह्मण बताकर कथा का आयोजन किया, जबकि वे दूसरी जाति से थे। इस बात को लेकर विवाद बढ़ा और कुछ लोगों ने कथावाचकों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उनकी मर्जी के खिलाफ उनकी चोटी भी काट दी गई। इस घटना का वीडियो किसी ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोग और धार्मिक संगठन इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लिया और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पीड़ित कथावाचकों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने चार आरोपियों आशीष (21), उत्तम (19), प्रथम उर्फ मनु (24) और निक्की (30) को गिरफ्तार कर लिया है। निक्की पर कथावाचकों की चोटी काटने का मुख्य आरोप है। एसएसपी ने बताया कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई शुरू की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) की अगुवाई में एक जांच टीम बनाई गई है, जो मामले की गहराई से जांच कर रही है। पीड़ितों की पहचान कर ली गई है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

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