राम मंदिर को अब तक 582 करोड़ नगदी और कुल 2926 दान की प्राप्ति

नई दिल्ली। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर (Ram Mandir) के चढ़ावे में कथित चंदा चोरी की जांच जारी रहने के बीच सोमवार को एक बैठक के दौरान महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिये।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर सदस्य कृष्ण मोहन को महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने का भी निर्णय लिया गया।

इस बीच ट्रस्ट की बैठक में मंदिर को प्राप्त दान, खर्च के बारे में जानकारी दी गयी। बैठक में बताया गया कि स्थापना से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल ₹582 करोड़ का दान प्राप्त हुआ।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (ट्रस्ट) की आज हुई बैठक में बताया गया कि निधि योगदान अभियान और दान के माध्यम से प्राप्त कुल ₹3264 करोड़ में से 2370 करोड़ रुपये का उपयोग निर्माण और पूंजीगत व्यय के लिए किया जा चुका है।

मंदिर को स्थापना से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल ₹582 करोड़ का दान प्राप्त हुआ जिसमें से ₹391 करोड़ परिचालन व्यय के लिए उपयोग किया गया। शेष धनराशि बैंक खातों में उपलब्ध है।

राम लला को मिले कुल 2926 दान

मीटिंग में बताया गया कि नकद के अलावा कई भक्तों ने भगवान श्री राम लला को वस्तुएं भी दान में दी हैं। कुल 2926 ऐसे दान प्राप्त हुए हैं, इन सभी का पूरा विवरण, दान मिलने की डेट सहित एक रजिस्टर में दर्ज किया गया है। जिसका एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म द्वारा आंतरिक लेखा परीक्षक के रूप में वार्षिक सत्यापन किया जाता है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा कि जो भक्त अपने दान के उपयोग की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं या इसके बारे में जानना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे ट्रस्ट के किसी अधिकारी से समय लेकर अयोध्या जाएं।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद, महासचिव चंपत राय और एक ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया। निष्पक्ष जांच के लिए ट्रस्ट ने दोनों के इस्तीफे नैतिक आधार पर स्वीकार कर लिए हैं।

ट्रस्ट ने गोपाल नागरकट्टे को विशेष आमंत्रितों की सूची से हटाने का भी निर्णय लिया है। ट्रस्ट का मानना ​​है कि कानूनी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और तब तक किसी पर भी दोषारोपण करना अनुचित है।

इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक राम जन्मभूमि परिसर के अंदर दोपहर करीब सवा तीन बजे शुरू हुई जिसमें ट्रस्ट के नौ स्थायी सदस्यों में से सात ने भाग लिया।

मंदिर के दान के गबन के आरोपों के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफे पर विचार-विमर्श करने, मामले की एसआईटी जांच की प्रगति की समीक्षा करने और इस्तीफे स्वीकार किए जाने पर ट्रस्ट में प्रमुख पदों पर नियुक्तियों पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।

बैठक से पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा था कि वह राम लला मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से बहुत दुखी हैं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग

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