लेंस डेस्क। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंचे। जिसके बाद म्यूनिख स्थित BMW फैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के नए मॉडल्स, हाई-परफॉर्मेंस एम-सीरीज कारें, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें और यहां तक कि रोल्स-रॉयस वाहन भी चलाकर देखे।
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राहुल गांधी बर्लिन में एक विशेष आयोजन में शामिल होंगे, जहां वे यूरोप के विभिन्न देशों में पार्टी इकाइयों के प्रमुखों से मिलेंगे और विदेश में रहने वाले भारतीयों से बातचीत करेंगे। इन चर्चाओं में गैर-निवासी भारतीयों के मुद्दों और कांग्रेस की नीतियों को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। खबरों के मुताबिक वे 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे और यह यात्रा काफी पहले से निर्धारित थी, जो संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही तय हो गई थी।
म्यूनिख में राहुल गांधी ने बीएमडब्ल्यू के सहयोग से टीवीएस द्वारा विकसित 450 सीसी मोटरसाइकिल को भी आजमाया और भारतीय इंजीनियरों की क्षमता पर गर्व जताया।
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर फैक्ट्री का एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें राहुल गांधी वाहनों की खूबियों के बारे में स्टाफ से जानकारी लेते और वहां काम करने वाले भारतीयों से मिलते दिख रहे हैं। वे एक दुबई मूल के परिवार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाते नजर आए।
बीजेपी ने कसा तंज
इस विदेश यात्रा पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विपक्ष के नेता का मतलब ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ है। पूनावाला का इशारा LOP की तरफ था। भाजपा का कहना है कि संसद सत्र चलते हुए विदेश जाना गलत उदाहरण पेश करता है।
हालांकि, संख्या बल के हिसाब से राहुल गांधी की अनुपस्थिति से सदन में किसी बिल के पारित होने या असफल होने पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। लोकसभा में कांग्रेस के पास 99 सदस्य हैं, पूरा इंडिया गठबंधन मिलाकर 234, जबकि सत्ता पक्ष एनडीए के पास 291 सीटें हैं। फिर भी भाजपा को कांग्रेस पर निशाना साधने का बहाना मिल गया।
पार्टी व्हिप के उल्लंघन के सवाल पर कांग्रेस के सूत्रों के हवाले से एबीपी न्यूज के अनुसार पार्टी ने स्पष्ट किया कि परंपरा के अनुसार कुछ छूट होती है। अगर कोई सांसद पहले से अनुपस्थिति की सूचना दे दे, तो व्हिप का नियम लागू नहीं होता। राहुल गांधी ने विदेश रवाना होने से पहले संसदीय मामलों के कार्यालय को जानकारी दे दी थी और व्हिप बाद में जारी हुआ, इसलिए उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होगी।










